घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटे ग्रामीण, एसडीएम के निरीक्षण के बाद भी लापरवाह बने अधिकारी
प्रभावित क्षेत्र और लोग
कार्यालय सकलडीहा तहसील की तीसरी मंजिल पर है, जहां सकलडीहा, धानापुर और चहनिया के पूर्ति निरीक्षक तैनात हैं। दूर-दराज से आए ग्रामीणों को राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने जैसे कामों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कोटेदार और निरीक्षक मृतकों के नाम पर राशन उठाते हैं, पैसे लेकर ही नाम जोड़े जाते हैं, गरीबों को नियम बताकर लौटा दिया जाता है।
कार्रवाई और चेतावनी
तिवारी ने तालाबंदी, धरना और लापरवाह अधिकारियों के निलंबन की धमकी दी। दोपहर में निरीक्षक विक्रांत श्रीवास्तव ने खुद को "क्षेत्र में" बताया।जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संदर्भ और महत्व
यह खबर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) की आम समस्या को उजागर करती है, जहां किसान और गरीब राशन योजनाओं (जैसे NFSA) से वंचित रह जाते हैं। NFSA 2013 के तहत नाम जोड़ना मुफ्त होना चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार बाधा बन रहा है।
किसान यूनियनों का विरोध बढ़ रहा है। पिछले वर्षों में चंदौली में कई धरने हो चुके हैं। DM की जांच से उम्मीद है, लेकिन सुधार के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।
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