चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र के सेक्टर नंबर 1 में वर्षों की उपेक्षा और टूटे वादों से त्रस्त जनता खुलकर पिंटू पाल को समर्थन दे रही है। गली-गली में गूंज रहा नारा: "भाषण नहीं काम चाहिए, सकलडीहा सेक्टर 01 के लिए पिंटू पाल चाहिए!" आज वे बदलाव की लहर के प्रतीक बन चुके हैं।
पिंटू पाल किसान यूनियन के जुझारू नेता हैं
जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी पिंटू पाल किसान यूनियन के वाराणसी युवा मंडल अध्यक्ष हैं। वे सकलडीहा में विकास कार्यों पर आंदोलन चला रहे हैं। हाल ही में सकलडीहा विद्युत उपकेंद्र पर स्मार्ट मीटर के मनमाने बिल और बंदर आतंक के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना स्थगित किया है। एसडीएम के आश्वासन पर 10 दिन का समय दिया।सकलडीहा थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद को शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफल होने पर "किसान चिन्ह" देकर सम्मानित किया है।
मिट्टी से जुड़े युवा नेता के वादे
पिंटू पाल ने कहा, "जिला पंचायत सदस्य बनकर नहीं, सेवक बनकर काम करूंगा।" उनका फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, नाली, पानी, बिजली की सुविधाएं, रोजगार और किसान कल्याण पर हैं। क्षेत्रवासी उन्हें हर वर्ग की आवाज मानते हैं। उनके नेतृत्व में संघर्ष समाधान की ओर बढ़ रहा है। बदलाव की लहर अब रुकेगी नहीं।
जिद्दी संघर्ष, स्पष्ट सोच और फौलादी इरादे
पिंटू पाल को उनकी सक्रियता के कारण किसानों, गरीबों, मजबूरों और नौजवानों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।स्थानीय लोग उनकी स्पष्ट सोच और फौलादी इरादों से प्रभावित हैं, हाल के धरनों और संघर्षों ने उनकी छवि और मजबूत की है। वे किसान मुद्दों पर आवाज उठाना और विकास कार्यों की अलख जगाना खासा पसंद करते हैं।
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