Hot Posts

6/recent/ticker-posts

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोशल फाउंडेशन का आयोजन

केएमजीजीपीजीसी छात्राओं ने गिनाए डिजिटलीकरण के फायदे-चुनौतियां

सटीक संवाद, 17 मार्च 2026।गौतमबुद्धनगर के बादलपुर गांव स्थित कु. मायावती राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय(केएमजीजीपीजीसी) का सेमिनार हॉल 16 मार्च को नारी शक्ति के विचारों से गूंज उठा। 

दिल्ली की सामाजिक संस्था ‘सोशल फाउंडेशन’ और महाविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ‘डिजिटलीकरण और महिलाएं सशक्तिकरण या असुरक्षा’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

विभिन्न संकायों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं को डिजिटलीकरण का लाभ उठाना चाहिए, लेकिन खुद को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया। 

प्राचार्य डॉ. अनीता रानी राठौर के संरक्षण और महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. ममता सागर के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को डिजिटलीकरण के फायदे-नुकसान से अवगत कराना तथा महिला सशक्तिकरण की जागरूकता फैलाना था।

विजेताओं ने खींचा सबका ध्यान
प्रथम स्थान पर बी.कॉम. तृतीय वर्ष की चेतना शर्मा रहीं। उन्होंने कहा, “ऑनलाइन दुनिया ने गांव की बेटियों को सपने सच करने का मंच दिया है।”
द्वितीय स्थान पर लवली शर्मा ने बताया, “डिजिटल युग ने अवसर तो खोले, लेकिन असुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ाई हैं।” 
तृतीय स्थान संयुक्त रूप से रिया और नीतू पाल ने हासिल किया। दोनों ने जोर दिया, “डिजिटलीकरण जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग हमारे विवेक पर निर्भर करता है।

”सोशल फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने छात्राओं को बधाई दी और बताया कि 15 मार्च 1985 को पहला ‘डॉट कॉम डोमेन’ रजिस्टर हुआ, जिसने डिजिटल क्रांति की शुरुआत की।उन्होंने चुनौतियों जैसे साक्षरता की कमी, साइबर खतरे और सामाजिक बाधाओं पर भी प्रकाश डाला।

 प्राचार्य डॉ. राठौर ने विजेताओं को ट्रॉफी-प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा छात्राओं को तकनीक का सतर्क उपयोग करने की सलाह दी।निर्णायक मंडल में डॉ. ललिता, डॉ. अमर ज्योति और नवीन कुमार शामिल रहे। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनम शर्मा ने किया। महिला प्रकोष्ठ की डॉ. सीमा, डॉ. अनुपम, डॉ. रामकांती, डॉ. दीपांक्षी, डॉ. दीप्ति कश्यप और डॉ. अनीता ने योगदान दिया। सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ