सटीक संवाद, मंगलवार, 10 मार्च 2026। चंदौली के सकलडीहा पावर हाउस पर किसानों का धरना बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर से मनमाने बिलों और क्षेत्र में बंदरों के आतंक के खिलाफ दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। यह धरना किसानों की फसल नुकसान और बिजली व्यवस्था की खराबी के खिलाफ है।
किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा, "किसानों की रोटी पर पलने वाले अधिकारी आज नवाब बने बैठे हैं। उन्हें दुधारू गाय की तरह सब दूहे जा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि सकलडीहा अधिशासी अभियंता किसानों के बीच आने से अपनी तौहीन समझते हैं। उन्होंने अपने ऑपरेटर को धरना स्थल पर भेजकर पत्र दिया कि समस्या उच्च अधिकारियों की है, उनके अधिकार में इसका निवारण नहीं।
थानाध्यक्ष सकलडीहा ने सूचना दी कि बिना अनुमति धरना हो रहा है। जवाब में श्रीवास्तव ने कहा, "हमने पहले ही विभाग को अवगत कराया है। यदि विधि-विरुद्ध है तो गिरफ्तार कर लें। मैं तैयार हूं। मोहिं न कछु बांधेकर लाजा, किंह चहत प्रभु निजकर काजा।
"पिंटू पाल ने आरोप लगाया कि बिजली बिल जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर भेजे जाते हैं, उपभोक्ताओं को ठगा जाता है। खराब व्यवस्था का समाधान नहीं होता और फसल नुकसान पर कोई कार्रवाई नहीं। "दो दिन से धरने पर हैं, कोई पूछताछ करने नहीं आया—यह इसका ताजा उदाहरण है।
धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, मुन्ना सिंह, पिंटू पाल, विजयकांत पासवान, राम अवध, रणविजय यादव, रामविलास मौर्या, अनिल यादव, पंकज मौर्या, अखिलेश यादव गोलू, राढू यादव सहित अन्य किसान शामिल थे। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि समस्या न सुलझी तो आंदोलन तेज होगा।
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