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शिक्षक छात्रों के भाग्य के प्रमुख निर्माता होते हैं- डायट प्राचार्य

वे न केवल ज्ञान का बीज बोते हैं, बल्कि छात्रों के चरित्र, आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को भी गढ़ते है।

सटीक संवाद, शनिवार, 28 मार्च 2026। चन्दौली के डीडीयू नगर में निपुण सम्मान समारोह एवं “हमारा आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। निपुण भारत मिशन-2021 केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक सभी बच्चों को कक्षा 3 तक पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल में निपुण बनाना है। अब तक देशभर में 2.5 लाख से अधिक स्कूल निपुण घोषित हो चुके हैं। चन्दौली का यह आयोजन प्रेरणादायक साबित हुआ।

मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य विकायल भारती ने कहा, “शिक्षक छात्रों के भाग्य के प्रमुख निर्माता होते हैं। वे न केवल ज्ञान का बीज बोते हैं, बल्कि छात्रों के चरित्र, आत्मविश्वास और दृष्टिकोण को भी गढ़ते हैं, जो जीवन की सफलता का आधार बनता है।” उन्होंने बताया कि शिक्षक किताबी ज्ञान से आगे सोचने की कला सिखाते हैं, जो करियर और समस्या-समाधान में सहायक होती है। गुरु छात्रों में जुनून जगाते हैं, असंभव को संभव बनाते हैं तथा सही-गलत का भेद सिखाते हैं। कमजोर छात्रों को मजबूत बनाकर वे सामाजिक परिवर्तन के वाहक तैयार करते हैं। 

प्राचार्य ने शिक्षकों से निष्ठापूर्वक कार्य कर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने की अपील की। अंत में उन्होंने बच्चों के शारीरिक, मानसिक व सामाजिक विकास पर जोर दिया तथा शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की आवश्यकता बताई।

एसआरजी जय प्रकाश यादव ने निपुण भारत मिशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2021 से अब तक सरकार ने स्कूल रेडिनेस फेज-1 एवं फेज-2 को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इस मिशन के तहत आंगनवाड़ी से स्कूल तक बच्चों की स्कूल रेडिनेस सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल टूल्स जैसे DIKSHA ऐप और NIPUN ऐप का उपयोग हो रहा है। इससे बच्चों के कौशलों में 20 प्रतिशत से अधिक सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने निपुण घोषित विद्यालयों को बधाई दी तथा अन्य को प्रेरित किया।

कार्यक्रम में तीनों एसआरजी—जय प्रकाश यादव, सुभाष सिंह यादव एवं अनिता कुमारी—के विद्यालयों को मोमेंटो, अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, आरपी एवं एसआरजी सदस्यों ने भाग लिया। यह आयोजन निपुण भारत के उद्देश्यों को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ। संचालन सुभाष सिंह यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने किया।

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