वाराणसी, 8 अप्रैल 2026: गंगा नगरी में अपराधियों का नया जाल फूटा। पुलिस ने बैंक और एटीएम के बाहर रेकी (सर्वे) कर लोगों की जेब काटने वाले 10 शातिर टप्पेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 1.70 लाख रुपए नकदी और XUV 700 कार बरामद हुई। गिरोह के हाथों पिछले छह महीनों में 25 लाख रुपये से अधिक की चोरी हुई थी। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई मुठभेड़ में यह सफलता हासिल हुई।
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बैंक शाखाओं और एटीएम के आसपास घूमते थे। वे लक्ष्य चिह्नित करने के लिए 'रेकी' करते—यानी ग्राहकों को देखते, उनके पर्स या मोबाइल पर नजर रखते। जैसे ही कोई व्यक्ति पैसे निकालता या लेन-देन करता, टप्पेबाज भीड़ का फायदा उठाकर जेब काट लेते। मुख्य आरोपी राजू (35 वर्ष, मूल रूप से जौनपुर) गिरोह का सरगना था, जो दिल्ली से टेक्नीक सीखकर आया था। उसके साथी छोटे-मोटे चोर थे, जो वाराणसी, भेलूपुर और सीतापुर के इलाकों में सक्रिय थे।
गिरफ्तारी का खुलासा
लंका थाने की स्पेशल टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह लंका के एसबीआई एटीएम के पास सक्रिय है। जाल बिछाया गया। रात 10 बजे एक महिला ग्राहक की जेब काटने की कोशिश करते ही पुलिस ने दबिश दी।
धर दबोचे गए 10 आरोपी—राजू, पप्पू, गुड्डू समेत। उनके कब्जे से 1.5 लाख नकद, 5 फोन, 2 चाकू और रेकी के लिए इस्तेमाल होने वाले नकली आईडी कार्ड बरामद हुए। पूछताछ में 15 वारदातें कबूल कीं, जिनमें वाराणसी के अलावा मिर्जापुर तक के केस शामिल हैं।
पुलिस का दावा
एसएसपी डॉ. राकेश कुमार ने बताया, "यह गिरोह हाई-टेक टप्पेबाजी करता था। वे सीसीटीवी से बचने के लिए मास्क और कैप पहनते, साथ ही डमी ग्राहक बनकर रेकी करते। हमने अब एटीएम क्षेत्रों में सीसीटीवी बढ़ाने और पेट्रोलिंग तेज करने का फैसला लिया है।"
गिरफ्तारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अन्य जिलों से भी शिकायतें मंगवा रही है।
नागरिकों से अपील की गई है कि एटीएम पर भीड़ में सावधानी बरतें, पर्स को पीछे की जेब में न रखें और संदिग्ध दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह कार्रवाई अपराधियों को सबक सिखाने वाली है।
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