चंदौली जिले में अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने ARTO (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) टीम पर ट्रांसपोर्टरों से जमकर वसूली करने के आरोपों की जांच तेज कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से मिले अहम सुरागों ने पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया है, जिससे कई बड़े नाम जांच के घेरे में आ गए हैं।
ट्रांसपोर्टरों की शिकायत से शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार, ट्रांसपोर्टरों ने ARTO टीम पर फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया। एक ट्रांसपोर्टर ने गुप्त रूप से दर्ज वीडियो में टीम के सदस्यों को रिश्वत लेते हुए कैद किया, जो अब पुलिस के पास सबूत के तौर पर मौजूद है। इस वसूली का नेटवर्क जिले के प्रमुख हाईवे पर सक्रिय था, जहां वाहनों की चेकिंग के बहाने ट्रांसपोर्टरों को लूटा जाता था।
CDR ने खोला राज: नेटवर्क फैला हुआ
पुलिस ने आरोपी मोबाइल नंबरों के CDR का विश्लेषण किया, जिसमें संदिग्ध कॉल्स और मैसेज का जाल सामने आया। इनसे पता चला कि वसूली का पैसा पासर चंदन यादव के खाते में जाता था, जो अब जेल की हवा खा रहा है। चंदन यादव को कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया है, जहां से वह कई राज खोल चुका है। इसी नेटवर्क में आशुतोष सिंह उर्फ गोलू का नाम प्रमुखता से आया, जिससे उसकी पूछताछ जारी है। गोलू पर ट्रांसपोर्टरों को धमकाने और वसूली के पैसे इकट्ठा करने का आरोप है।
बड़े अधिकारी दागदार: डॉ. सर्वेश गौतम समेत कई नाम
जांच के दायरे में डॉ. सर्वेश गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी आ गए हैं। पुलिस को शक है कि ARTO टीम के अलावा उच्च स्तरीय साठगांठ थी। एक अनाम अधिकारी ने बताया, "CDR से 50 से ज्यादा संदिग्ध कॉल्स मिले, जो ट्रांसपोर्टरों को टारगेट करने का प्लान दर्शाते हैं।" जिले के SP ने विशेष टीम गठित कर दी है, जो पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जुटी है।
यह मामला चंदौली प्रशासन के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी अब खुले तौर पर बयान दे रहे हैं, जिससे और खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बड़े मछलियों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
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