नई दिल्ली। 16 अप्रैल 2026 को भारत में महिला आरक्षण कानून प्रभावी हो गया। विधि मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, अब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इस कानून के तहत 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
यह अधिनियम 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, जो अब 16 अप्रैल 2026 से लागू है। आरक्षण वास्तविक रूप से जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो सकेगा। इस कानून का उद्देश्य 2029 के आम चुनावों तक महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
16-18 अप्रैल 2026 के विशेष सत्र में इस कानून के कार्यान्वयन से संबंधित संशोधनों पर चर्चा की जा रही है। यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय लोकतंत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करेगा।
0 टिप्पणियाँ