गर्मी में हजारों उपभोक्ताओं की बूंद-बूंद को तरस, शिकायतों पर प्रशासन की लापरवाही, पिंटू पाल ने उठाई कार्रवाई की मांग
सकलडीहा तहसील क्षेत्र के पावर हाउस पर लगा सार्वजनिक हैंडपंप पिछले कई महीनों से खराब पड़ा हुआ है। यहां बिजली बिल जमा करने, मीटर रीडिंग और अन्य समस्याओं को लेकर रोजाना हजारों उपभोक्ता आते हैं, लेकिन पेयजल की भारी कमी से सब परेशान हैं।
तड़तड़ाती गर्मी की चपेट में लोग भारी मुश्किल से सहन कर रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया, "धूप में घंटों इंतजार के बाद भी पानी का एक कतरा नहीं निकलता। 10-20 बार हैंडल दबाते हैं, फिर निराश होकर इधर-उधर भटकना पड़ता है।" महिलाएं और बुजुर्ग तो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो दूर-दराज से आते हैं।
स्थानीय किसान नेता पिंटू पाल, शेषनाथ यादव और विजयकांत पासवान ने इसकी पुरानी समस्या बताई। उन्होंने कहा, "बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन विद्युत विभाग या तहसील प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। हैंडपंप की मरम्मत के लिए छोटी-सी लागत आती है, फिर भी लापरवाही बरती जा रही।" नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
यह समस्या न केवल पावर हाउस तक सीमित है, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी प्रभावित हैं। गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट गहरा रहा है, जबकि सरकारी योजनाओं के तहत हैंडपंपों की नियमित मरम्मत का प्रावधान है। स्थानीय निवासियों ने एसडीएम और विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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