लेकिन दवा व्यापारी हत्याकांड पर सन्नाटा क्यों?, न्याय की प्रतीक्षा कब तक?
चंदौली — मुगलसराय क्षेत्र में पुलिस की तारीफों का पुल बांधा जा रहा है। मात्र 24 घंटों के भीतर तीन नाबालिग बच्चों की सकुशल बरामदगी पर क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह और थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह को एसपी आकाश पटेल ने प्रशस्ति पत्र देकर गौरवान्वित किया। एसपी ने इसे 'पुलिसिंग की मिसाल' करार दिया, जो निश्चित रूप से सजगता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। लेकिन यही मुगलसराय अब सवालों के घेरे में क्यों कैद है? 18 नवंबर 2025 को बेखौफ बदमाशों ने दवा व्यापारी रोहितास पाल उर्फ रोमी को उनकी दुकान पर ही गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी। आधे साल से ज्यादा गुजर चुके हैं, आरोपी आज भी फरार घूम रहे हैं। परिजन बेचैन, व्यापारिक समुदाय सशंकित—क्या यह लापरवाही है, प्राथमिकताओं का खेल, या जांच में कोई खामी?
हत्या का खौफनाक मंजर अभी ताजा
उस भयानक शाम को रोहितास अपनी दवा दुकान पर ग्राहकों को दवाइयां बांट रहे थे। अचानक दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि हमलावर बिना मास्क के थे, लेकिन जांच रुकी क्यों? प्रारंभिक जांच में गैंगवार या पुरानी रंजिश का संदेह जताया गया, फिर भी कोई ब्रेकथ्रू नहीं। परिजनों का आरोप है कि मुखबिरों पर भरोसा कम हुआ, एसआईटी का गठन केवल कागजों तक सीमित रहा।व्यापारी संगठन चीख-चीखकर कह रहे हैं, "व्यापारियों का खून सस्ता हो गया है क्या?"
तत्काल एक्शन की मांग तेज, जनता में आक्रोश
जनपदवासी सवाल उठा रहे हैं—नाबालिगों के केस 24 घंटे में सॉल्व हो जाते हैं, तो व्यापारी का न्याय कब? सोशल मीडिया पर #JusticeForRohitas ट्रेंड कर रहा है। तत्काल एसआईटी गठित हो, पुराने सीसीटीवी फुटेज दोबारा खंगाले जाएं, मुखबिरों को प्रोत्साहित किया जाए। दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का वक्त आ गया है। अन्यथा, पुलिस पर भरोसा डगमगाने लगेगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "छोटे अपराधों पर तत्परता दिखती है, बड़े पर सन्नाटा क्यों?"
एसपी का बयान और चुनौतियां
एसपी आकाश पटेल ने नाबालिग बरामदगी पर कहा, "यह हमारी सजगता, संवेदनशीलता और प्रभावी पुलिसिंग का जीता-जागता प्रमाण है।" लेकिन हत्याकांड पर चुप्पी सवाल पैदा कर रही है। क्या संसाधनों की कमी है, या प्राथमिकताएं गड़बड़ा रही हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि मुगलसराय जैसे संवेदनशील इलाकों में क्राइम एनालिसिस यूनिट मजबूत होनी चाहिए। एसपी महोदय, अब कार्रवाई का समय है—वरना समाज का विश्वास डगमगा जाएगा। न्याय की प्रतीक्षा कब तक?
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