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उकनी वीरमराय में मत्स्य-तालाब मे बेरोकटोक खनन

जेसीबी-ट्रैक्टर से निकाली जा रही मिट्टी, ग्रामीण दहशत में

चन्दौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के उकनी वीरमराय गांव में मत्स्य पालन के लिए आवंटित सरकारी तालाब से मिट्टी धड़ल्ले से निकाली जा रही है।इसमे दो जेसीबी और एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लगें हुए है।यह पूरा खेल रात के अंधेरे में शुरू होकर सुबह 7 बजे तक चल रहा है।

सूत्रों से यह भी पता चला है कि खनन माफिया लग्जरी गाड़ियों में बैठकर शराब पी रहे है।और इनके पास अवैध असलहे भी मौजूद है।इसको लेकर ग्रामीणो में गहरी नाराजगी है।लोग खनन स्थल की ओर जाने से डर रहे है।यहाँ तक किसान हिम्मत नहीं जुटा पा रहे कि वह ट्रैक्टरों को अपने खेतों में जाने से रोक दे।



किसानों का कहना है कि यह पूरा खेल तहसील प्रशासन, खनन और पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है। यह तीनों विभाग मोटी धन उगाही कर राजस्व को बड़ा चुना लगा रहे है।इसके साथ ही पर्यावरण की बडी हानि हो रही है, और आमलोगों के लिए खतरा बना हुआ है।

उकनी वीरमराय गांव में करीब 10 बीघे का सरकारी तालाब है। यह तालाब मत्स्य पालन के लिए आवंटित किया गया है।ग्रामीणो का कहना है कि भीषण गर्मी में तालाब को पूरी तरह से सूखा कर दिया गया है। तालाब के सूखने से जानवरो को पानी पीने सहित अन्य जरूरी कार्य बाधित है।

इसी तालाब पर खनन माफिया गिद्ध दृष्टि लगाए थे। खनन माफिया पट्टा धारकों को कुछ रुपये का लालच देकर तालाब से प्रतिदिन करीब एक लाख से 1.5 लाख की मिट्टी निकाल रहे है।शिकायत के बाद भी अधिकारी इसको नजरअंदाज कर रहे है।

इसको लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने गहरी आपत्ति जताई है। कहा कि जल्द ही इस अवैध खनन पर रोक नही लगी तो भारतीय किसान यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।

खनन अधिकारी प्रदीप कुमार राज नें बताया कि साफ सफाई के लिए खनन कराया जा सकता है। जबकि "जी राम जी" के तहत कार्य करना है। यही वजह है कि खनन अधिकारी कि खनन माफियों को सह देने के कारण चकिया मे खनन माफिया और प्रशासन आमने सामने हो गए, जिसमे जिला प्रशासन की काफ़ी किरकिरी हुई।

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