नई दिल्ली। श्री गुरु रविदास जी के प्रचार-प्रसार और मानवता की सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए डेरा सच्चखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।संत निरंजन दास को यह उपलब्धि आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनसेवा के क्षेत्र में उनके लंबे और निरंतर योगदान के लिए मिली है।
संत निरंजन दास ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से समाज में समानता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश मजबूत हुआ है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यों में भी उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई है। डेरा सच्चखंड बल्लां के माध्यम से चल रहे सेवा कार्यों ने भी उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है।
सम्मान समारोह के दौरान जब राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मश्री प्रदान किया, तो उपस्थित श्रद्धालुओं और अनुयायियों में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई। समुदाय के लोगों ने इसे रविदासिया समाज के लिए गौरव और सम्मान का क्षण बताया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह सम्मान केवल संत निरंजन दास का नहीं, बल्कि उस विचारधारा का भी है जो सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता पर आधारित है।
संत निरंजन दास का यह सम्मान देश में सामाजिक-सांस्कृतिक सेवा कार्यों की महत्ता को भी रेखांकित करता है। उनके कार्यों ने यह संदेश दिया है कि धर्म, अध्यात्म और जनसेवा जब एक साथ चलते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
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