चंदौली के धानापुर क्षेत्र के अवही में शिवानन्दम फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के तत्वावधान में एग्रो एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड (APEDA) के सहयोग से एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को कृषि उत्पादों के निर्यात, गुणवत्ता मानक और वैश्विक बाजार की मांग के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), राज्य कृषि विपणन संस्थान (SAMI), उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विदेश व्यापार निदेशालय, जिला उद्यान विभाग (DHO) सहित कई संबंधित संस्थाओं के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। स्थानीय किसानों, FPO प्रतिनिधियों और कृषि उद्यमियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।
APEDA के प्रतिनिधि और एसोसिएट शुभम राय ने कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र में कृषि निर्यात की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र का निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता गतिविधियाँ, क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचा विकास पर विशेष काम किया जा रहा है। राय ने कहा कि पूर्वांचल के चावल, फल व सब्जियाँ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना सकती हैं और APEDA का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाते हुए इस क्षेत्र को कृषि निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाना है।
कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली के प्रमुख डॉ. रघुवंशी ने क्षेत्र के किसानों की गुणवत्तापूर्ण उत्पादन क्षमता पर सकारात्मक टिप्पणी की। शिवानन्दम फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक रमेश सिंह ने कहा कि FPOs छोटे व सीमांत किसानों को संगठित कर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, सामूहिक विपणन और निर्यात मानकों के अनुरूप कृषि पद्धतियाँ अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी किसानों को निर्यातोन्मुख खेती के लिए प्रेरित कर रही है और सरकारी व निर्यात संवर्धन संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाकर उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर काम कर रही है।
कार्यक्रम का समापन कृषि निर्यात को बढ़ावा देने, किसानों की आय सुधारने और पूर्वांचल को कृषि निर्यात के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।
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