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चंदौली में 14 आरोपियों के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज

देशभर में 51 शिकायतों से जुड़ा नेटवर्क; 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड

चंदौली। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी "साइ-वज्र" अभियान के तहत चंदौली पुलिस की साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर साइबर अपराधी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त अभियान में जनपद के नौ थानों की टीमों ने मिलकर 14 आरोपियों के खिलाफ छापेमारी कर 12 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कुल 11 मुकदमे दर्ज किए हैं।
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार अभियुक्तों का नेटवर्क देशभर में दर्ज 51 साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है। इन शिकायतों में कुल मिलाकर करीब 1.80 करोड़ रुपये की ठगी हुई है, जिनमें से लगभग 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड (लीन) करवा दी गई है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम म्यूल खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों, संदिग्ध चेक निकासी एवं एटीएम निकासी से जुड़े मामलों में सामने आए हैं। साथ ही कुछ मामलों में एनसीएमईसी (टिपलाइन) से मिली सूचनाओं पर अश्लील सामग्री के संग्रहण व अपलोड के आरोप भी हैं। एक मामले में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई है।

कैसे करते थे ठगी
जांच के अनुसार अभियुक्त विभिन्न तरीकों से साइबर फ्रॉड अंजाम देते थे, जिनमें प्रमुख हैं:
म्यूल खातों में ठगी की रकम मंगवाना,चेक के जरिए धनराशि निकालना,संदिग्ध मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर ट्रेडिंग व टास्क के नाम पर ठगी,
एटीएम से फ्रॉड की रकम निकालना, एनसीएमईसी टिपलाइन से जुड़े मामलों में अश्लील सामग्री का संग्रहण व अपलोड।

साइबर सेल की चेतावनी
चंदौली साइबर सेल ने आमजन से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार के लालच—फर्जी नौकरी, ट्रेडिंग, गेमिंग या निवेश के नाम पर अपनी बैंकिंग जानकारी व खाते किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर 24 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऑनलाइन शिकायत www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करवाई जा सकती है या नजदीकी साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क किया जा सकता है। इस कार्रवाई का नेतृत्व साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग ने किया। अभियान में साइबर सेल तथा साइबर क्राइम थाना के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

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