प्रार्थना पत्र के अनुसार, उमेश कुमार भारती, निवासी ग्राम लोकुआ बहादुरपुर ब्लॉक धानापुर, ने बताया कि उनकी माता के नाम पर क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण फाइनेंस कंपनी से ऋण लिया गया था, जिसकी साप्ताहिक किस्त नियमित रूप से जमा की जाती रही है।
आरोप है कि एक किस्त कुछ घंटे विलंब से होने पर कंपनी के एजेंट और अन्य कर्मचारियों ने घर पहुंचकर वाहन जब्त कर लिया। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जिससे उनकी भावनाएं काफी आहत हुई है।पीड़ित का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर कंपनी के संबंधित एजेंटों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा वाहन वापस दिलाने की मांग की है।
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