पहले मामले में वर्ष 2014 के विद्युत अधिनियम के मुकदमे में बखरा निवासी अशोक पटेल को एएसजे/एफटीसी-द्वितीय, चंदौली ने दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि तथा 3,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दूसरे मामले में वर्ष 2005 के आर्म्स एक्ट के मुकदमे में मुस्लिम महाल, मुगलसराय निवासी जावेद पुत्र आलमगीर खम्ज उर्फ लालबाबू को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चंदौली ने जेल में बिताई गई अवधि तथा 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न भरने पर 2 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
तीसरे मामले में वर्ष 2005 के ही आर्म्स एक्ट के मुकदमे में हथदेवा, थाना अलीनगर निवासी मननीत उर्फ विरु पुत्र पंचम चौहान को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि तथा 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर 2 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इन मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, विशेष शासकीय अधिवक्ता विनय सिंह, एपीओ विजय कुमार पाण्डेय तथा थाना मुगलसराय पुलिस की प्रभावी पैरवी और सशक्त विवेचना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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