राजस्व टीम को किसानों ने लौटाया बैरंग, विंध्य एक्सप्रेसवे पर विरोध तेज, वार्ता नहीं तो नापी नहीं

चंदौली। विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बिछिया स्थित धरना स्थल पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 16वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के साथ-साथ विभिन्न गांवों में किसानों को संगठित कर पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है।

ग्राम काजीपुर में किसान पंचायत 

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई को लेकर पूरी मजबूती के साथ डटे हुए हैं। इसी क्रम में ग्राम काजीपुर में काजीपुर, सुंडेहरा, भतीजा, नेवादा, खरखोली, प्रीतमपुर और तेजोपुर गांवों के किसानों की पंचायत आयोजित हुई, जिसमें आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई गई।

बिछिया धरना स्थल की फोटो 

पंचायत की अध्यक्षता संयुक्त किसान मोर्चा के श्रवण मौर्य ने की। बैठक में अशोक सिंह, नीरज सिंह, जितेंद्र प्रधान, रामजन्म मास्टर, रामनारायण और संतोष यादव सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह गांव-गांव बैठकें कर किसानों को एकजुट किया जाएगा तथा चंदौली मुख्यालय पर "डेरा डालो किसान महापंचायत" आयोजित कर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

बिछिया धरना स्थल पर आयोजित धरने में मणि देव चतुर्वेदी, राजीव मौर्य, गोपाल सिंह, लल्लन चौहान, लालता चौहान, महेंद्र राम, दशरथ, संदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार समेत अन्य किसान मौजूद रहे। जिला चौहान सेना के अध्यक्ष छागूर चौहान ने भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

पचोखर में सीमांकन का किसानों ने किया विरोध
मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार को राजस्व विभाग की टीम विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए ग्राम पचोखर में भूमि सीमांकन करने पहुंची थी। किसानों ने टीम का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि बिना नोटिस दिए जमीन की पैमाइश क्यों की जा रही है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी प्रभावित किसानों को विधिवत नोटिस नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अपनी जमीन की नाप-तौल नहीं होने देंगे।
किसानों के विरोध के चलते राजस्व टीम को बिना सीमांकन किए वापस लौटना पड़ा। इससे पहले ग्राम परेवा में भी राजस्व टीम को इसी तरह विरोध का सामना करना पड़ा था।

किसानों की मांग है कि पहले यूपीडा, जिला प्रशासन और प्रभावित किसानों के बीच वार्ता कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक वार्ता नहीं होगी, तब तक विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की किसी भी प्रक्रिया का विरोध जारी रहेगा। किसानों ने दोहराया कि "जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।" धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

लोकप्रिय खबरें

निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर छह लेखपालों का वेतन रोका, एसडीएम ने जारी किया नोटिस, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण

बेकरी दुकानदार से मारपीट करने वाले आरोपी को सकलडीहा पुलिस ने दबोचा

बलुआ में शादी के नाम पर लाखों की ठगी, खरीदारी कराने के बाद दुल्हन फरार

छुट्टी पर घर आए सेना के जवान पर जानलेवा हमला, गांव के चार युवकों ने पीटकर किया लहूलुहान

एमएलसी पद दिलाने के नाम पर 17.22 लाख की ठगी, अलीनगर पुलिस ने वांछित आरोपी को दबोचा

मुगलसराय थाने में पैरवी करने पहुंचे पूर्व फौजी को पीटने का आरोप, एसओ और हमराहियों पर लाठी से मारपीट का दावा