नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के समर्थकों और पुलिस के बीच सोमवार को हिंसक झड़प हुई। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी।
घटनाक्रम और आरोप-प्रत्यारोप
CJP नेताओं के मुताबिक, प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक एकत्र हुए थे। पार्टी का दावा है कि बिना किसी उकसावे के पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराने के लिए बल प्रयोग किया, टेंट हटवाए और कार्यकर्ताओं को जबरन वहां से खदेड़ दिया।
पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने आरोप लगाया कि इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, एक 12 साल की बच्ची का सिर फूट गया और 40-50 लोगों को चोटें आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि CJP के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस का रुख और सुरक्षा इंतजाम
दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।
संसद का मानसून सत्र शुरू होने के मद्देनजर जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था।
घटना में शामिल पक्ष
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों (RPF) और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें लाठियां भांजी गईं। हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारियों के जुटान का दायरा शास्त्री भवन, जनपथ, रायसीना हिल और कनॉट प्लेस तक फैल गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
CJP ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी निंदा की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना संविधान प्रदत्त अधिकार है। वहीं, AAP और SP ने भी CJP के प्रदर्शन को समर्थन दिया है।
बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी और कविता कौशिक जैसे हस्तियां भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कविता कौशिक ने पुलिस वालों को आगाह किया कि "मेरे देश के बच्चों पर हाथ मत उठाना"।
वर्तमान स्थिति क्या है
दिल्ली पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, जंतर-मंतर क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है और मेट्रो के कुछ स्टेशन बंद है।
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