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RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दिलाने की मांग — शिक्षक संघ ने सांसद साधना सिंह को ज्ञापन सौंपा

चंदौली — उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद साधना सिंह को एक ज्ञापन सौंपकर राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त हुए परिषदीय शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु संसद में कानून बनाने की मांग की है।


संघ के जिला अध्यक्ष आनंद कुमार पांडेय के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के अनुसार RTE लागू होने से पहले नियुक्त परिषदीय शिक्षकों के लिए भी 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है और ऐसा न करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दायरे में लाने का प्रावधान रखा गया है। शिक्षक संघ ने बताया कि इस निर्णय से पिछले 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे लाखों अनुभवी शिक्षकों के सम्मान, आजीविका और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

ज्ञापन में संघ ने बताया कि नौकरी से हटाये जाने की आशंका के कारण शिक्षक और उनके परिवार मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से अनुरोध किया है कि वे इस संवेदनशील विषय को देखते हुए लोकसभा में अध्यादेश लाने या नया कानून बनवाने के माध्यम से इन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित कराएँ।

ज्ञापन सौंपने के समय संघ के जिला महामंत्री सुनील कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष शशिकांत गुप्त, जिला प्रवक्ता बलराम पाठक के साथ अजीत सिंह, राजकुमार जायसवाल, सरोज उपाध्याय, इरफ़ान अली मंसूरी, अशोक पाल, धनंजय सिंह, हिमांशु तिवारी, संदीप दुबे, अजय सिंह सपना सहित संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद थे। सांसद साधना सिंह ने ज्ञापन स्वीकार कर जल्द इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।

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