फर्जी ऑफर‑लेटर और विजिट वीजा, 400 बेरोजगार बने ठगी के शिकार
स्रोतों ने बताया कि ग्राम बेलवनिया पोस्ट सिकठा निवासी शुभ नारायण चौहान पुत्र भौली चौहान वर्ष 2024 में बसपा के टिकट पर कुशीनगर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका हैं। बेरोजगारों का आरोप है कि वह मुंबई में काम करते हुए बेरोजगार युवकों को फर्जी ऑफर लेटर और विजिट वीजा प्रदान करके उनकी रकम लेता था। राशि का कुछ हिस्सा उनके भाई अनिल कुमार सिंह चौहान के जैसलमेर (राजस्थान) स्थित खातों तथा पत्नी सविता के गोरखपुर खातों में जमा कराया जाता था।
जानकारी में यह भी खुलासा हुआ है कि शुभ नारायण के भाई अनिल चौहान सेना में तैनात है जबकि शुभ नारायण सेना से सेवानिवृत्त है। दोनों भाई सेना से जुड़ी पहचान का प्रयोग कर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर उनसे आर्थिक हैसियत के अनुसार रकम ऐंठकर लापता हो जाते हैं। आरोपों के अनुसार शुभ नारायण की पत्नी सविता और बिजनेस पार्टनर सूरज प्रताप सिंह भी इस कारोबार में सहयोगी है।
स्रोतों के मुताबिक शुभ नारायण चौहान और सूरज प्रताप सिंह ने रूस में "मुरासंग इंटीग्रेटेड एलएलसी" नामक कंपनी स्थापित कर वहीं से यह गिरोह संचालित कर रहा है। इससे पहले ये व्यक्ति गोरखपुर में "मैसर्स एस एंड एस एसोसिएट्स" के नाम से मकान नंबर 54H, मौर्या टोला, दरगहिया, शीतला देवी मै लॉन, कूड़ा घाट कार्यालय चला कर भी बेरोजगारों से पचास लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। नौकरी न मिलने पर जब पीड़ितों ने पैसे लौटाने की मांग की, तब कार्यालय बंद कर आरोपी मुंबई भाग गए थे।
आरोप में यह भी कहा गया है कि यह गिरोह संगठित रूप से कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पूर्वांचल के कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़ सहित लगभग एक दर्जन जिलों के हजारों युवकों के साथ ठगी कर चुका है। ठगी के शिकार पीड़ित अब मुंबई, गोरखपुर, आजमगढ़ और कुशीनगर के थानों में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह केवल एक व्यक्ति की धोखाधड़ी नहीं, बल्कि बड़े साइबर‑आधारित गिरोह से जुड़ा मामला हो सकता है। जांच में नेटवर्क और विदेश में बैठे संचालकों तक के संबंधों का पता लगाने पर भी काम जारी है। पीड़ितों से संपर्क कर विवरण एकत्रित करने तथा संबंधित बैंकीय लेन‑देन की तफ्तीश की जा रही है।
लोगों ने मांग की है कि बेरोजगारी के नाम पर आर्थिक शोषण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय और दोषियों के पकड़े जाने तक लगातार जांच जारी रखी जाए। पीड़ितों ने एक दूसरे से अनुरोध किया है कि वे अपनी शिकायतें नज़दीकी थाने में दर्ज कराएं और सभी संदेहास्पद दस्तावेज व संदेश संभाल कर रखें।
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