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फ्लाईओवर बने, लेकिन घर-रोजगार उजड़े नहीं ; कुचमन में किसानों-व्यापारियों ने रखी मांग, 298 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहण का मामला

चंदौली के सकलडीहा-अलीनगर मार्ग पर कुचमन रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर रविवार को प्रशासन और प्रभावित किसानों एवं व्यापारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम आकांक्षा सिंह विभागीय अधिकारियों के साथ कुचमन पहुंचीं और प्रभावित किसानों व व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में किसानों ने विकास कार्य का विरोध नहीं करते हुए अपनी जमीन और रोजगार को बचाने की मांग रखी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण के बदले वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने तथा फ्लाईओवर का निर्माण सड़क के बीच पीलर पर कराने की मांग प्रमुखता से उठाई।
कुचमन रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। ट्रेन आने के दौरान रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों, स्थानीय व्यापारियों और आसपास के ग्रामीणों को परेशानी होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए कुचमन रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण की योजना प्रस्तावित है। हालांकि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों और व्यापारियों की चिंता सामने आने लगी है।

बताया गया कि प्रस्तावित आरओबी परियोजना से 298 से अधिक किसानों की जमीन प्रभावित होने का मामला सामने आया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों से बातचीत की जा रही है। रविवार को हुई बैठक इसी क्रम में आयोजित की गई, जिसमें किसानों और व्यापारियों ने अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रशासन के सामने रखे।

चार गुना मुआवजे की मांग
किसानों ने कहा कि वे क्षेत्र में विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी जमीन अधिग्रहित होने की स्थिति में उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों ने मांग की कि भूमि अधिग्रहण के बदले सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए। उनका कहना था कि जमीन ही उनकी आय और परिवार की आर्थिक व्यवस्था का प्रमुख आधार है। जमीन जाने के बाद यदि पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला तो प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

किसानों ने यह भी मांग की कि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार को उसकी जमीन, अधिग्रहित होने वाले क्षेत्रफल और मुआवजे से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसानों का कहना था कि प्रक्रिया पारदर्शी होगी तो प्रशासन और प्रभावित लोगों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

पीलर पर बने फ्लाईओवर, दुकानों को न हो नुकसान
बैठक में किसानों के साथ व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। व्यापारियों का कहना था कि यदि फ्लाईओवर के निर्माण में सड़क के दोनों किनारों की जमीन और दुकानें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुईं तो क्षेत्र के छोटे-बड़े व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

स्थानीय लोगों ने मांग की कि फ्लाईओवर का निर्माण सड़क के बीच पीलर पर कराया जाए, ताकि सड़क किनारे स्थित दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कम से कम नुकसान हो। व्यापारियों का कहना था कि वर्षों से लोग यहां दुकानें चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। दुकानों के हटने से केवल भवनों का नुकसान नहीं होगा, बल्कि कई परिवारों की आय का प्रमुख साधन भी समाप्त हो जाएगा।

विकास के साथ प्रभावितों का भी ध्यान रखने की मांग
किसानों और व्यापारियों ने कहा कि क्षेत्र में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए आरओबी जरूरी है, लेकिन विकास परियोजना की कीमत स्थानीय लोगों को अपनी जमीन और रोजगार गंवाकर नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरओबी की डिजाइन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक के दौरान किसानों और व्यापारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि वे बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं, लेकिन उनकी जमीन, दुकान और रोजगार पर संकट आया तो किसान और व्यापारी संयुक्त रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

एसडीएम ने दिया आश्वासन
एसडीएम आकांक्षा सिंह ने किसानों और व्यापारियों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की समस्याओं और मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

एसडीएम ने कहा कि आरओबी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके निर्माण से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।

उन्होंने स्थानीय लोगों से प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी ओर से रखी गई मांगों को संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद जारी रहने की उम्मीद
बैठक के बाद किसानों और व्यापारियों में उम्मीद जगी कि उनकी मांगों पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा। वहीं स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के विकास के पक्ष में हैं, लेकिन विकास के साथ प्रभावित परिवारों के घर, जमीन और रोजगार को बचाना भी जरूरी है।

अब आरओबी निर्माण को लेकर सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और फ्लाईओवर की तकनीकी डिजाइन को लेकर है। एक तरफ आरओबी बनने से कुचमन रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर 298 से अधिक किसानों की जमीन प्रभावित होने के कारण स्थानीय स्तर पर चिंताएं भी बनी हुई हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और संबंधित विभाग किसानों की चार गुना मुआवजे तथा पीलर पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग पर क्या निर्णय लेते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल किसानों और व्यापारियों ने बातचीत के रास्ते खुले रखने के साथ अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपना लिया है।

बैठक में नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद, पीडब्ल्यूडी के एई आलोक सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण पासवान, डॉ. दर्शन, संजय, राजदेव, कुबेर देव, अमित सेठ, जितेंद्र पासवान, दिनेश गुप्ता, पवन यादव, झांगुर, शशिकांत सहित बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे।

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