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चंदौली में पॉक्सो के तहत आरोपी गिरफ्तार; एक नाबालिग अभिरक्षा में ,विधिक कार्रवाई प्रचलित

चंदौली के थाना शहाबगंज में प्राप्त तहरीर के आधार पर शुक्रवार को एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किए जाने के सम्बन्ध में मुठभेड़ के बाद त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया तथा एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया। प्रकरण में महत्त्वपूर्ण धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है और आगे की विधिक प्रक्रिया तथा व्यापक जांच जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला व बाल सुरक्षा संबंधी संवेदनशील शिकायत मिलने पर थाना शहाबगंज में मु0अ0सं0 91/2026 के अन्तर्गत धारा 70(2) बीएनएस तथा धारा 5(k)/6 के तहत पॉक्सो एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने पीड़िता को पैसे का लालच देकर बहला-फुसलाकर ले जाया और उसके साथ दुराचार किया गया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया और टीम गठित कर निरीक्षण व पता लगाने का कार्य प्रारम्भ किया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि शहाबगंज पुलिस टीम ने घटनास्थल व तहरीर में बताए गए बिन्दुओं पर त्वरित और सूक्ष्म तलाशी की। पीड़िता व उसके परिजनों से साक्षात्कार के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों, संभावित गवाहों और संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गयी। शुरुआती पूछताछ और गहन तलाशी के बाद टीम को आरोपियों तक पहुँचने के महत्त्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए, जिनके आधार पर प्राथमिक छानबीन के बाद एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया तथा एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त व अभिरक्षित बाल अपचारी से रिमांड या पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान कई तथ्यों और परिस्थितियों का खुलासा हुआ है। प्रारम्भिक पूछताछ में यह पता चला कि अभियुक्त ने पीड़िता को पैसे का लालच देकर कथित तौर पर बहला-फुसलाया और घटना को अंजाम दिया। शहाबगंज पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए व पीड़िता की आयु नाबालिग होने के कारण सभी संवेदनशीलता के साथ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और पीड़िता की गोपनीयता बनी रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस टीम द्वारा घटना से संबंधित सभी तथ्यों, साक्ष्यों एवं परिस्थितियों की गहनता से जाँच की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त से निरन्तर पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पूरे सिलसिले, उसकी भूमिका तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का पता लगाया जा सके। साथ ही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपियों ने किसी तरह का प्रमाण नष्ट करने का प्रयास किया या घटना के संचालन में किसी तीसरे पक्ष ने सहयोग किया था। इस सम्बन्ध में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सा रिपोर्टों तथा गवाह बयानों की मदद ली जा रही है।

थाना शहाबगंज के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि पीड़िता को आवश्यक चिकित्सकीय व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और उसके परिवार को भी मामले की कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के संवेदनशील प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है और मानक निवारक प्रोटोकॉल के अनुसार प्राथमिक चिकित्सीय परिक्षण व मेडिकल परीक्षण कराये जा रहे हैं, जिनका उपयोग आगे की न्यायिक कार्यवाही में प्रमाण के रूप में किया जाएगा।कानूनी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ चलायी जा रही है ताकि पीड़िता के अधिकारों की रक्षा हो सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार घटना की तह तक जाने के लिए एक टीम गठित की गयी है जो कि समन्वित रूप से अनुसंधान कर रही है। इस टीम में जांच अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और बाल सेवा समन्वयक शामिल हैं। टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के क्रिमिनल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है ताकि किसी पूर्व अपराधी प्रवृत्ति या संदिग्ध व्यवहार के बारे में जानकारी मिल सके। स्थानीय प्रशासन व बाल संरक्षण समिति के साथ समन्वय बनाए रखा गया है ताकि पीड़िता और उसके परिवार को तत्काल और दीर्घकालिक सुरक्षा तथा सहायता मिलती रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही मामले की सूचना मिली, समुदाय में रोष और चिंता पायी गयी। नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और अनुरोध किया है कि जांच निष्पक्ष व तेज़ गति से पूरी की जाए ताकि दोषियों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़े। पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि किसी भी जातीय, धार्मिक या सामाजिक दबाव में आकर जांच में ढिलाई नहीं होने दी जाएगी और सभी कानूनी एवं संवेदनशील प्रावधानों का पालन किया जायेगा।

वर्तमान में प्रकरण में आगे के आवश्यक विधिक कदम उठाये जा रहे हैं। थाने ने मीडिया से अनुरोध किया है कि पीड़िता की पहचान और व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित न किए जाएँ, क्योंकि यह पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध है और पीड़िता की गोपनीयता अनिवार्य है। आगे की पूछताछ व अनुसंधान के बाद पुलिस ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ सुस्पष्ट और मजबूत मामला तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

पुलिस लगातार घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू का गंभीरता से परीक्षण कर रही है और आवश्यकतानुसार और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि बाल सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अधिरक्षा बढ़ाई जाएगी तथा ऐसे किसी भी घटना पर शून्य सहिष्णुता रहेगी।

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