Hot Posts

6/recent/ticker-posts

42 साल की पुलिस सेवा के बाद उप निरीक्षक नंदलाल मिश्रा सेवानिवृत्त, सकलडीहा में भावभीनी विदाई

कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद सहित पुलिसकर्मियों, पत्रकारों और संभ्रांत नागरिकों ने अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंटकर किया सम्मान, सेवाकाल की निष्ठा और कार्यशैली को सराहा

सकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा कोतवाली में तैनात रहे उप निरीक्षक नंदलाल मिश्रा के 42 वर्षों की लंबी पुलिस सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर रविवार को शाम 7:00 बजे विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पत्रकारों और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस दौरान कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद सहित उपस्थित लोगों ने नंदलाल मिश्रा को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और उनके सुखद, स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण जीवन की कामना की।

विदाई समारोह के दौरान नंदलाल मिश्रा के लंबे सेवाकाल की विशेष रूप से सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस विभाग में 42 वर्षों तक अपनी सेवाएं देना अपने आप में गौरव की बात है। इतने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अनेक उतार-चढ़ाव देखे और अपने अनुभव के आधार पर पुलिस सेवा के दायित्वों को पूरा किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की नौकरी सामान्य सेवा से अलग होती है। इसमें हर समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा करने और विषम परिस्थितियों में भी ड्यूटी निभाने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में चार दशक से अधिक समय तक इस दायित्व को निभाना नंदलाल मिश्रा के समर्पण और सेवाभाव को दर्शाता है। उनके कार्यकाल की निष्ठा, अनुशासन और व्यवहार को उपस्थित लोगों ने याद किया।

कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद ने सेवानिवृत्त उप निरीक्षक नंदलाल मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में लंबा सेवाकाल पूरा करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नंदलाल मिश्रा ने अपने कार्यकाल में विभागीय जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता के साथ निभाया। उनके लंबे अनुभव और सेवाकाल की यादें विभाग से जुड़े लोगों के बीच हमेशा बनी रहेंगी। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद उनके स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की।

समारोह में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी नंदलाल मिश्रा के साथ बिताए कार्यकाल को याद किया। सहकर्मियों ने कहा कि लंबे समय तक एक ही विभाग में साथ काम करने के दौरान आपसी सहयोग और विश्वास का रिश्ता बन जाता है। सेवानिवृत्ति के अवसर पर साथी से विदा लेना भावुक करने वाला क्षण होता है। पुलिसकर्मियों ने उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभाग में उनके अनुभव और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

इस अवसर पर क्षेत्र के पत्रकारों और संभ्रांत नागरिकों ने भी नंदलाल मिश्रा को सम्मानित किया। पत्रकारों ने उनके साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पुलिस और पत्रकारिता के बीच बेहतर समन्वय से क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिलती है। नंदलाल मिश्रा के सेवाकाल में बने इस संवाद और सहयोग की भी लोगों ने सराहना की।

सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंगवस्त्र पहनाया गया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सम्मान पाकर नंदलाल मिश्रा भावुक नजर आए। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, पत्रकारों और क्षेत्र के नागरिकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में 42 वर्षों की सेवा के दौरान उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और आमजन का सहयोग मिलता रहा। यही सहयोग उनके सेवाकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

नंदलाल मिश्रा ने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति भले ही नौकरी का अंत हो, लेकिन सेवा के दौरान बनाए गए संबंध और प्राप्त अनुभव जीवनभर साथ रहते हैं। उन्होंने विभाग के अपने सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्ति का दिन विशेष होता है। यह वह अवसर होता है जब उसके वर्षों के परिश्रम और योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलता है। नंदलाल मिश्रा के लिए भी यह अवसर भावनात्मक रहा, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के 42 वर्ष पुलिस विभाग की सेवा में लगाए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। पुलिसकर्मियों और नागरिकों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद अब उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिलेगा। सभी ने उनके जीवन के नए पड़ाव के लिए शुभकामनाएं दीं।

अंत में पुलिस विभाग, पत्रकारों और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने उप निरीक्षक नंदलाल मिश्रा को सम्मानपूर्वक विदाई दी। 42 वर्षों की पुलिस सेवा के बाद आयोजित यह समारोह उनके लंबे सेवाकाल के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक रहा। समारोह में मौजूद लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ किया गया कार्य हमेशा लोगों की स्मृतियों में बना रहता है।