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सकलडीहा में 'खेलो इंडिया संवाद' का सजीव प्रसारण: प्राचार्य बोले, ‘खेलों से विकसित होती है नेतृत्व और अनुशासन की भावना’

2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए होगी ऐतिहासिक उपलब्धि, खेलों से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

चंदौली जिले के सकलडीहा पी.जी. कॉलेज में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया संवाद—खेल की बात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ’ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय, शिक्षकगण, NSS के कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के संवाद को ध्यानपूर्वक सुना।

सजीव प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल, खिलाड़ियों, युवा शक्ति और देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संवाद को देखा और सुना तथा खेलों के प्रति उत्साह एवं जागरूकता प्रदर्शित की।

कार्यक्रम के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य और मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम भावना, सहयोग और संघर्षशीलता जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्राचार्य ने विशेष रूप से भारत द्वारा वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भारत को ओलंपिक की मेजबानी का अवसर प्राप्त होता है तो यह देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इससे देश में खेल अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन केवल खिलाड़ियों के लिए ही अवसर लेकर नहीं आते, बल्कि इससे पर्यटन, रोजगार, खेल उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलती है। ओलंपिक की मेजबानी भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल पहचान को मजबूत करने के साथ ही देश के युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह पैदा कर सकती है।

प्राचार्य प्रो. पाण्डेय ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों और शारीरिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ फिटनेस और खेल भी आवश्यक हैं। नियमित खेल गतिविधियों से शरीर स्वस्थ रहने के साथ मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के शिक्षक डॉ. श्यामलाल सिंह यादव ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिवस महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य समाज में खेलों और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार किसी न किसी खेल से जुड़ें और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करें।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेंद्र तिवारी एवं माय भारत से प्रीति श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संवाद को गंभीरता एवं उत्साह के साथ सुना।

महाविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खेलों के प्रति सकारात्मक सोच और उत्साह देखने को मिला।

प्राचार्य ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि युवा शिक्षा के साथ खेलों में भी आगे बढ़ेंगे तो देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन से सकलडीहा पी.जी. कॉलेज परिसर में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। विद्यार्थियों ने खेलों को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने और फिटनेस के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।