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राखी लेकर धानापुर थाने पहुंचीं छात्राएं: थानाध्यक्ष को भाई मानकर बांधा स्नेह का धागा

रक्षाबंधन पर पुलिस और छात्राओं के बीच मजबूत हुई विश्वास की डोर

धानापुर, चंदौली। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर धानापुर थाने में उस समय भावुक और आत्मीय माहौल बन गया, जब स्कूल की छात्राएं राखी और मिठाई लेकर थाने पहुंचीं। छात्राओं ने थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश मिश्रा की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें भाई का दर्जा दिया। खाकी वर्दी में बंधी राखी ने पुलिस और समाज के बीच रिश्ते की एक ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली पुलिस के साथ भाई-बहन के स्नेह और विश्वास की भावना भी नजर आई।
रक्षाबंधन के अवसर पर छात्राओं का थाने पहुंचना अपने आप में खास रहा। हाथों में राखी और चेहरे पर खुशी लिए छात्राएं जब थानाध्यक्ष के पास पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने भी उनका आत्मीयता से स्वागत किया। छात्राओं ने विधिवत राखी बांधी और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। थानाध्यक्ष ने भी छात्राओं को अपना आशीर्वाद देते हुए उनकी सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिलाया।

आमतौर पर पुलिस थाना लोगों की शिकायतों, अपराधों की जांच और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों के लिए जाना जाता है। मगर रक्षाबंधन के दिन धानापुर थाने का नजारा कुछ अलग था। यहां फरियादियों और पुलिस कार्रवाई के बीच राखी के रंग और मिठास ने माहौल को पारिवारिक बना दिया। पुलिसकर्मियों की कलाई पर सजी राखियां इस बात की गवाही दे रही थीं कि वर्दी के पीछे भी संवेदनाओं से भरा एक इंसान होता है।

छात्राओं ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। जब अधिकांश लोग अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में थानाध्यक्ष को राखी बांधकर उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते की भावना के साथ पुलिस के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया।

इस दौरान थानाध्यक्ष ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति विश्वास, सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का पर्व है। छात्राओं ने जिस अपनत्व के साथ उन्हें राखी बांधी, वह उनके लिए बेहद खास और भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि बहनों की सुरक्षा और सम्मान के लिए पुलिस हमेशा तत्पर है।

थानाध्यक्ष ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी सहायता के लिए हर समय उपलब्ध रहेगी। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा पर ध्यान देने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।

रक्षाबंधन के इस अवसर पर पुलिसकर्मियों ने भी छात्राओं के इस स्नेह के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला भावनात्मक अवसर रहा। छात्राओं के हाथों से बंधी राखी ने पुलिसकर्मियों को यह एहसास कराया कि समाज उन्हें केवल कानून के रखवाले के रूप में नहीं, बल्कि सुरक्षा देने वाले अपने परिवार के सदस्य के रूप में भी देखता है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि पुलिस और जनता के बीच संवाद तथा आत्मीयता बढ़ाने वाले ऐसे आयोजन सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं। जब आमजन पुलिस के साथ सहज होकर अपनी बात रखते हैं तो अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग मिलता है।

रक्षाबंधन के मौके पर थाने में बना यह दृश्य लंबे समय तक याद रहने वाला रहा। एक ओर पुलिसकर्मी अपनी वर्दी और जिम्मेदारियों के साथ मौजूद थे, तो दूसरी ओर छात्राओं के हाथों में सजी राखियां भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दे रही थीं। कुछ पल के लिए थाना परिसर एक परिवार की तरह नजर आया, जहां शिकायतों और कार्रवाई की जगह स्नेह, सम्मान और अपनत्व की भावनाएं प्रमुख थीं।

राखी का यह धागा भले ही देखने में बेहद साधारण हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बेहद गहरी है। छात्राओं ने थानाध्यक्ष की कलाई पर राखी बांधकर सुरक्षा की उम्मीद जताई, वहीं पुलिस ने बहनों के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का भरोसा दिया। इस तरह धानापुर थाने में रक्षाबंधन का पर्व पुलिस और समाज के बीच विश्वास की एक नई डोर जोड़ गया।

खाकी की कलाई पर सजी राखी ने यह संदेश भी दिया कि पुलिस और जनता के बीच रिश्ता केवल कानून और व्यवस्था तक सीमित नहीं है। उसमें संवेदना, सहयोग और विश्वास की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका है। रक्षाबंधन के इस आत्मीय अवसर पर छात्राओं ने जिस स्नेह के साथ पुलिसकर्मियों को अपना भाई माना, उसने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।