हवालात के वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, सीसीटीवी सुरक्षित कराने और स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
बदायूं। जिले के दातागंज थाना क्षेत्र में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में मौत का मामला अब राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक बताते हुए पुलिस की भूमिका पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से कहा कि राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत का मामला सामान्य घटना नहीं है। उनके मुताबिक, परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इसी बीच हवालात के अंदर का कथित वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि सामने आए वीडियो में राजेश की हालत बेहद खराब दिखाई दे रही है। वह कथित तौर पर पानी पीने की स्थिति में भी नजर नहीं आ रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी के हाथ छोड़ते ही उसके जमीन पर गिरने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसी वीडियो को आधार बनाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस हिरासत में युवक की हालत और उसे उपलब्ध कराए गए उपचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि राजेश की तबीयत इतनी खराब थी तो उसे समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। पुलिस के अनुसार पहले राजेश की तबीयत बिगड़ी और इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, इस घटनाक्रम में युवक की तबीयत कब और किन परिस्थितियों में बिगड़ी, उसे अस्पताल ले जाने में कितना समय लगा और उससे पहले उसकी चिकित्सकीय स्थिति क्या थी, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस के बचाव में परिजनों से तहरीर लेकर दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि राजेश की हत्या किसी दूसरे पक्ष द्वारा की गई थी, तो वह पुलिस की हवालात में क्यों था? वहीं, यदि वह पुलिस हिरासत में सुरक्षित था तो हवालात के अंदर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई कि उसकी मौत हो गई?
उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए घटनास्थल और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए दातागंज थाने के सभी संबंधित सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ या उसके गायब होने की आशंका न रहे। उन्होंने जांच के दौरान इन फुटेज की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल कराने की भी मांग की है।
स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
आजाद समाज पार्टी प्रमुख ने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौत की जांच उसी पुलिस तंत्र से नहीं कराई जानी चाहिए, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि दलित युवक राजेश कोरी की मौत के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर सामने आना चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद ने मांग की कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
परिवार को न्याय, सुरक्षा और मुआवजे की मांग
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ सुरक्षा और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी की। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत अत्यंत गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
इस पूरे प्रकरण में सामने आया कथित हवालात वीडियो जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता, उसकी पूरी अवधि और घटनाक्रम के संदर्भ की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में पुलिस के दावे, परिजनों के आरोप और वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियों—तीनों पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक मानी जा रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह राजेश कोरी के शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। साथ ही सरकार से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
फिलहाल राजेश कोरी की मौत को लेकर उठे सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। हवालात के कथित वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। ऐसे में अब निगाहें पुलिस और प्रशासन की आगामी जांच तथा सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं।