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चंदौली में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पांच बच्चे कराए गए मुक्त

मुगलसराय बाजार के होटल और ढाबों में संयुक्त टीम ने चलाया अभियान, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ लोगों को किया जागरूक

चंदौली। पुलिस अधीक्षक चंदौली श्री आकाश पटेल के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत चलाए जा रहे “ऑपरेशन बचपन बचाओ अभियान” के तहत चंदौली पुलिस एवं श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान मुगलसराय बाजार क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटल एवं ढाबों में जांच करते हुए पांच बच्चों को बाल श्रम करते हुए रेस्क्यू कर मुक्त कराया गया। बच्चों को नियमानुसार उनके अभिभावकों के सुपुर्द किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

अभियान अपर पुलिस अधीक्षक सदर श्री अनंत चन्द्रशेखर (आईपीएस) तथा क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरुण कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। अभियान में प्रभारी निरीक्षक एएचटी राघवेंद्र सिंह, कांस्टेबल रामजी धूसिया तथा बाल श्रम अधिकारी चंदौली श्री पंकज सिंह सहित संबंधित टीम के सदस्यों ने भाग लिया।
संयुक्त टीम ने मुगलसराय बाजार क्षेत्र में होटल, ढाबों और अन्य स्थानों पर पहुंचकर वहां कार्य कर रहे बच्चों के संबंध में जांच की। जांच के दौरान पांच बच्चे बाल श्रम करते पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों को श्रम से मुक्त कराया। इस दौरान संबंधित बच्चों की आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया भी पूरी की गई। बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि उन्हें दोबारा बाल श्रम में न लगाया जाए।

पुलिस एवं श्रम विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल बच्चों को काम से मुक्त कराना ही नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य, शिक्षा और पुनर्वासन को सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों से मजदूरी कराना उनके अधिकारों का उल्लंघन है और इसके खिलाफ प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को भी बाल श्रम से संबंधित नियमों की जानकारी दी गई तथा नाबालिग बच्चों से काम नहीं कराने के लिए जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान पुलिस एवं श्रम विभाग की टीम ने आम जनमानस को बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों और अपराधों के दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया। लोगों को बताया गया कि बच्चों का स्थान काम करने की जगह स्कूल और सुरक्षित वातावरण में है। आर्थिक मजबूरी या किसी अन्य कारण से बच्चों को श्रम में धकेलना उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित करता है।

टीम ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम करता हुआ दिखाई दे अथवा बाल भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा पुलिस को दें। इसी तरह कम उम्र में बच्चों की शादी कराने की जानकारी मिलने पर भी प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई।

जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि महिला संबंधी सहायता के लिए 1090, बच्चों की सहायता के लिए 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए 1076, आपातकालीन सहायता के लिए 112 तथा साइबर अपराध की सूचना के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग जरूरत पड़ने पर तत्काल किया जाना चाहिए, जिससे पीड़ितों को समय रहते सहायता मिल सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ समाज में जागरूकता पैदा करना भी है। “ऑपरेशन बचपन बचाओ” के माध्यम से बाल श्रम में फंसे बच्चों को मुक्त कराने, उनके पुनर्वासन तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

चंदौली पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और बाल विवाह जैसे सामाजिक अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। पुलिस एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें संवेदनशील स्थानों, बाजारों, होटल-ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में समय-समय पर जांच अभियान चलाएंगी। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अभियान में सहयोग करने और बच्चों के सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य के लिए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि समाज में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों जिनमें बच्चों को कम उम्र में मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़े।