पुलिस कार्यालय से जारी प्रेस नोट के मुताबिक गिरफ्तार वारंटी की पहचान कन्हैया यादव पुत्र विजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम घरचित, थाना सकलडीहा, जनपद चंदौली के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 32 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय से जारी वसूली वारंट के अनुपालन में की गई है।
मामला परिवार न्यायालय चंदौली से संबंधित है। पुलिस के अनुसार प्रकीर्ण वाद संख्या 97/2021 में सावित्री देवी बनाम कन्हैया के मामले में न्यायालय ने कन्हैया यादव को ₹4,09,200 रुपये न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया था। यह मामला धारा 128 सीआरपीसी से संबंधित बताया गया है। प्रेस नोट में भरण-पोषण वाद संख्या 278/2015 का भी उल्लेख किया गया है।
न्यायालय के आदेश के बाद निर्धारित धनराशि जमा नहीं होने पर वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसी क्रम में संबंधित न्यायालय से वसूली वारंट जारी किया गया। वारंट मिलने के बाद सकलडीहा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। पुलिस टीम ने 14 सितंबर को ग्राम घरचित स्थित वारंटी के घर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार न्यायालय से जारी वारंटों का अनुपालन कराने के लिए थाना स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऐसे वारंटियों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी या वसूली संबंधी आदेश जारी हैं। संबंधित वारंटों की तामील कराने के लिए पुलिस टीमों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में भी पुलिस ने न्यायालय के आदेश को आधार बनाकर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक वारंटी को उसके घर से गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायालय के आदेश और लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
भरण-पोषण से जुड़े मामलों में न्यायालय द्वारा निर्धारित धनराशि संबंधित आदेश के अनुसार जमा करनी होती है। निर्धारित राशि जमा नहीं होने पर न्यायालयी प्रक्रिया के तहत उसकी वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में भी न्यायालय के आदेश के बाद धनराशि जमा नहीं किए जाने पर वसूली वारंट जारी हुआ और पुलिस ने उसके अनुपालन में गिरफ्तारी की।
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार कन्हैया यादव के खिलाफ संबंधित प्रकीर्ण वाद संख्या 97/2021 और भरण-पोषण वाद संख्या 278/2015 का उल्लेख है। न्यायालय द्वारा निर्धारित ₹4,09,200 रुपये की धनराशि जमा किए जाने का आदेश था। धनराशि जमा नहीं होने के बाद वसूली वारंट जारी किया गया। पुलिस ने इसी वारंट के आधार पर कार्रवाई की है।
सकलडीहा पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भूपेन्द्र कुमार निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही। टीम में उपनिरीक्षक धूरेन्द्र प्रसाद रावत, हेड कांस्टेबल सुजीत सिंह और कांस्टेबल प्रश्विन दूबे शामिल थे। टीम ने वारंटी की तलाश कर उसे घर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद वारंटी के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। पुलिस ने कार्रवाई को न्यायालय से जारी वसूली वारंट का अनुपालन बताया है। मामले में धनराशि की वसूली और अन्य संबंधित प्रक्रिया न्यायालय के निर्देश के अनुसार आगे बढ़ेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए थाना स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ संबंधित मामलों में नियमानुसार विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सकलडीहा पुलिस की ओर से की गई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका न्यायालय से जारी वसूली वारंट के अनुपालन तक सीमित है। ₹4,09,200 रुपये की धनराशि से संबंधित मूल विवाद और भरण-पोषण वाद की आगे की विधिक प्रक्रिया संबंधित न्यायालय में चलेगी। पुलिस ने वारंटी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तार वारंटी का विवरण: कन्हैया यादव पुत्र विजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम घरचित, थाना सकलडीहा, जनपद चंदौली, उम्र 32 वर्ष।
संबंधित वाद: प्रकीर्ण वाद संख्या 97/2021, सावित्री देवी बनाम कन्हैया, धारा 128 सीआरपीसी तथा भरण-पोषण वाद संख्या 278/2015।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम: थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उपनिरीक्षक धूरेन्द्र प्रसाद रावत, हेड कांस्टेबल सुजीत सिंह और कांस्टेबल प्रश्विन दूबे।
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