बीएचयू गैंगरेप : फिर उजागर हुई प्रदेश सरकार की आरोपियों के प्रति संरक्षणकारी भूमिका
लखनऊ, 31 अगस्त। भाकपा (माले) ने गत एक नवंबर को बीएचयू छात्रा के साथ परिसर में हुए गैंगरेप के तीन आरोपियों में से दो की हाईकोर्ट से जमानत पर रिहाई पर कहा है कि अभियोजन पक्ष की लचर पैरवी के कारण यह संभव हुआ। इससे प्रदेश सरकार की दुष्कर्मियों के प्रति संरक्षणकारी भूमिका एक बार फिर उजागर हुई है। राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि इसके पहले भी इन आरोपियों को बचाने की भाजपा सरकार ने हर कोशिश की थी। तीनों आरोपी बनारस में भाजपा आईटी सेल के पदाधिकारी थे और बड़े भाजपा नेताओं के संपर्क में रहे। वारदात के बाद उन्हें मध्य प्रदेश भेज दिया गया, जहां चुनाव प्रचार के नाम पर पार्टी द्वारा शरण दी गई। उनकी गिरफ्तारियां बनारस व प्रदेश सहित देश भर में हुए जन आन्दोलनों के दबाव में घटना के दो माह बाद ही संभव हुईं। माले नेता ने कहा कि कठुआ से लेकर उन्नाव व हाथरस तक, गुजरात के बिलकिस बानो केस से लेकर मणिपुर तक भाजपा की भूमिका बलात्कारियों को बचाने की रही है। यही नहीं, आशाराम बापू व राम रहीम जैसे सजायाफ्ता दुराचारियों को बार-बार पैरोल और फर्लो पर रिहाई मिलती है। पार्टी का बेटी ब...