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चन्दौली में हस्तशिल्प सेवा केन्द्र खुलने से कारीगर बनेगें हुनरमंद ।

रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर

पङाव (चन्दौली) : चंदौली की धरती पर हस्तशिल्प सेवा केंद,वाराणसी द्वारा "जिला गांधी शिल्प और बुनाई महोत्सव" का शुभारंभ माननीय विधायक रमेश जायसवाल, श्री शिव शंकर पटेल (पूर्व सदस्य राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग), नवीन कपूर अध्यक्ष पूर्वांचल निर्यातक संघ एवं श्री अब्दुल्लाह सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) द्वारा बुधवार को नियामताबाद ब्लाक के कटेसर गांव में किया गया । यह महोत्सव दिनांक 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा जिसमें 25 शिल्पियों ने अपने शिल्प बिक्री का प्रदर्शन किया है ।

जमीन से जुड़े हस्तशिल्पियों ने आधुनिक भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के मूल मंत्र को चरितार्थ किया है । हस्तशिल्प सेवा केंद्र की ओर से आयोजित चौपाल में लुप्त हो रहे हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रकृति, पर्यावरण एवं परंपरा का संरक्षण करते हुए वर्तमान आधुनिक युग के परिपेक्ष में दैनिक आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं का निर्माण कर एवं उचित मूल्य पर उनका विक्रय अपने जीवीकोपार्जन के साथ समाज की एक बहुत बड़ी सेवा भी है, जो ये हस्त शिल्पी बखूबी कर रहे हैं ।

इस बाज़ार में जहाँ खोजवा में निर्मित लकड़ी के खिलौने हैं, तो वहीं सोनभद्र की दरी, गाजीपुर की वॉल हैंगिंग । दिवाली के मौसम में टेराकोटा के कई प्रकार के दिए, रामनगर के स्टोन कार्विंग कौतूहल का केंद्र हैं । पक्षी प्रेमियों के लिए जूट से बने चिड़ियों के घोंसले, लेदर के पशु और अन्य वस्तुएँ लोगों के मन को बहुत भा रही हैं । प्रतिभागियों को निशुल्क स्टॉल के अलावा आने एवं जाने का यात्री एवं माल भाड़ा एवं दैनिक भत्ता भी दिया जा रहा है ।

माननीय विधायक जी ने समस्त चंदौली वासियों से अनुरोध किया कि वे सभी इस मेले में आए और शिल्प विरासत को देखे, समझे और शिल्पियों का उत्साहवर्धन करते हुए अधिक से अधिक वस्तुओं की खरीदारी करें ।

इस अवसर पर श्री तनवीर आलम, श्री कैसर जहान अहमद राज्य पुरस्कार शिल्पी, श्री द्वारका प्रसाद राज्य पुरस्कार शिल्पी, गाँव के संभ्रांत नागरिक, आदि लोग मौजूद रहे ।

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