रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर
चन्दौली,
सकलडीहा l गायत्री परिवार की ओर से नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण पांच दिवशीय कथा का आयोजन सकलडीहा दुर्गा माता मंदिर के राम जनकी प्रांगण में चल रहा है। सोमवार को चौथे दिन केन्द्रीय मंत्री व सांसद डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने देव दिवाली के उपलक्ष्य में एक दिया शहीदों के नाम प्रज्जवलित करते विचार प्रकट किया। इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि डा.संत त्रिपाठी ने गायत्री परिवार की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गायत्री परिवार को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री व सांसद डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि गायत्री परिवार भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की पहचान है। सांसारिक जीवन में गायत्री परिवार एक अद्भूत प्रकाश जीवन में डालता है। गायत्री परिवार सभी भ्रांतियों को दूर करता है। वही विशिष्ठ अतिथि डा. संत त्रिपाठी ने कहा कि लोकमंगल के लिये गायत्री परिवार समाज में समरता का विचारधारा है। गायत्री मंत्र सभी सनातनियेां के लिये गुरू मंत्र है। इसके पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद व विशिष्ट अतिथि ने गुरूजी व माता जी के तैल चित्र पर माल्यापर्ण करते हुए एक दिया शहीदों के नाम से प्रज्जवलित किया।
अंत में कथा वाचक उषा शर्मा ने गुरु दीक्षा के विशेष महत्त्व पर विस्तार से चर्चा किया। इस मौके पर सूर्यमुनी तिवारी, सर्वेश कुशवाहा डा. एस के लाल, डॉ रामशंकर बर्मा, अवधेश मिश्रा, मृत्युंजय उपाध्याय, विलक जयसवाल, दीपक श्रीवास्तव, विजय गुप्ता, भानू सिंह, संजय पांडेय, देवेन्द्रदत्त पांडेय, कोतवाल राजीव सिंह सहित अन्य पुलिस फोर्स मौजूद रहे।
ग्यारह हजार दीपों से जगमग हुआ प्राचीन शिव सरोवर
गायत्री परिवार और कस्बा के व्यापारियों व भक्तजनों की ओर से कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर से लेकर दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, काली माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, शंकर भगवान की मंदिर से लेकर सम्मे माता मंदिर और कस्बा को दीयों से सजाय गया था। पूरा कस्बा दीयों से जगमग होगया था।
व्यापारियों ने केन्द्रीय मंत्री का जोर दार किया स्वागत
केन्द्रीय मंत्री व सांसद डा. महेन्द्रनाथ पांडेय का कस्बा के नवनिर्वाचित व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्णा सेठ और दिलीप गुप्ता सहित सैकड़ों व्यापारियों ने मालाफूल से जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर मंटू पांडेय, आशीष जायसवाल, शिवदास जायसवाल, रत्नेश गुप्ता, भोदू, रामअशीष सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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