वाराणसी l काशी साहित्यिक संस्थान (पंजीकृत), लंका, बी एच यू, वाराणसी, उत्तर प्रदेश का द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह 2023 काशी वाराणसी में 16 दिसम्बर 2023 को पराड़कर भवन, विश्वेश्वर गंज, वाराणसी में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ । इस वार्षिकोत्सव में देश के कोने-कोने से चुने गए साहित्यकारगण उपस्थित रहें l
जिसमें रामपुर फुफुआँव, ज़मानियाँ, ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) के चर्चित साहित्यकार डॉ. बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी जी को "काशी साहित्य श्री सम्मान-2023" से सम्मानित किया गया । यह सम्मान हिन्दी भाषा के उत्थान व प्रचार-प्रसार में महती योगदान के लिए संस्थान के संस्थापक आदरणीया सुनीता जौहरी जी द्वारा दिया गया । इससे पहले भी ग़ाज़ीपुरी जी को साहित्य उन्नयन संस्थान के द्वारा 15 अगस्त 2020 में "साहित्य श्री सम्मान" से नवाजा जा चुका है ।
इस सम्मान के प्राप्त होने से पूरे परिवार, गाँव, क्षेत्र, विद्यालय परिवार व शिक्षा विभाग में खुशी की लहर व्याप्त है । बताते चलें कि डॉ. बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी का मूल नाम डॉ. सुरेश कुमार है । ये बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालय मच्छरमारा, ज़मानियाँ, ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश में शिक्षक के रूप में लगभग 8 वर्षों से सेवा देते हुए साहित्य साधना कर रहे हैं ।
साहित्य की सेवा करते हुए डॉ.बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी ने तीन काव्यसंग्रह - 1. स्वतन्त्र लेखनी की ललकार सुनो!, 2. कलयुगी आदमी तथा 3.सुलगती संवेदनाएँ लिख चुके हैं जो प्रकाशित हो चुकी हैं । आज इनकी किताबें साहित्य जगत में धूम मचा रही हैं । इनकी रचनाओं में ढोंग,पाखण्ड,अंधभक्ति व रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ सम्मान की ज़िंदगी जीने के पक्ष को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया जाता है ।
इनकी रचनाएँ राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय अनेक पत्र-पत्रिकाओं में छप चुकी हैं । अनेक साझा संकलनों में इनकी रचनाएँ छपी हैं । आपको अनेक संस्थाओं के द्वारा सैकडों सम्मान पत्र और प्रशस्ती पत्र प्राप्त हुए है । इस सम्मान को प्राप्त होने का श्रेय इन्होंने अपने पूजनीय माता-पिता, भाई-बहन, जीवन संगिनी कुमारी ममता और संविधान निर्माता डॉ.भीमराव आंबेडकर जी के साथ-साथ सभी संतों, गुरुओं व महापुरुषों को दिया है ।
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