गाजीपुर l दुनिया का सबसे बड़ा कवि सम्मेलन बुलंदी संस्था द्वारा आयोजित होगा । 10 जनवरी 2024 से विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी की वैश्विक यात्रा बुलंदी पर हिंदी नामक इस कवि सम्मेलन को हॉवर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन द्वारा विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा । उक्त आयोजन में ग्राम- रामपुर फुफुआँव, ज़मानियाँ, ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी डॉ. बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी को भी काव्यपाठ हेतु निमंत्रण संस्था के संस्थापक अंतरराष्ट्रीय कवि बादल बाजपुरी एवं संरक्षक अंतरराष्ट्रीय कवि पंकज प्रकाश द्वारा आमंत्रित किया गया है ।
बुलंदी संस्था ने वर्ष 2021 और 2022 में 207 घंटे और 400 घंटे अनवरत वर्चुअल कवि सम्मेलन आयोजित करवाकर दो बार विश्व वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी है, जिससे इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया, बुलंदी संस्था उत्तराखंड के बाजपुर से संचालित होती हैं । संस्था का यह तीसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड साहित्य जगत की सुर्खियों में बना हुआ है ।
बताते चलें कि डॉ. बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी का मूल नाम डॉ. सुरेश कुमार है । ये बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालय मच्छरमारा, ज़मानियाँ, ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश में शिक्षक के रूप में लगभग 8 वर्षों से सेवा देते हुए साहित्य साधना कर रहे हैं । साहित्य की सेवा करते हुए डॉ. बुध्दप्रिय सुरेश सौरभ ग़ाज़ीपुरी ने तीन काव्यसंग्रह - 1. स्वतन्त्र लेखनी की ललकार सुनो !, 2. कलयुगी आदमी तथा 3.सुलगती संवेदनाएँ लिख चुके हैं, जो प्रकाशित हो चुकी हैं ।
आज इनकी किताबें साहित्य जगत में धूम मचा रही हैं । इनकी रचनाओं में ढोंग, पाखण्ड, अंधभक्ति व रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ सम्मान की ज़िंदगी जीने के पक्ष को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया जाता है । इनकी रचनाएँ राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय अनेक पत्र-पत्रिकाओं में छप चुकी हैं । अनेक साझा संकलनों में इनकी रचनाएँ छपी हैं । इनको अनेक संस्थाओं के द्वारा सैकडों सम्मान पत्र और प्रशस्ती पत्र प्राप्त हुए है ।
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