डबल रेल हादसे की जवाबदेही रेलमंत्री लें और पद छोडे
स्पेशल ट्रेनों के स्पेशल किराये से यात्रियों को लूटा जा रहा है, पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं
लखनऊ, भाकपा माले ने कहा कि मोदी सरकार में पहले एकल रेल दुर्घटनाओं की भरमार थी, अब डबल रेल दुर्घटनाएं भी होने लगी हैं। बढ़ती दुर्घटनाओं से रेलयात्री चाहे जितना असुरक्षित हुए हों, रेलमंत्री की कुर्सी सुरक्षित लग रही है। अन्यथा झारखंड के डबल हादसे के बाद इस्तीफा दे दिए होते। झारखंड में पहले माल गाड़ी पटरी से उतरी, फिर उससे टकराकर हावड़ा-मुंबई मेल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दो की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं। लगता है, दोनों दुर्घटनाओं के अंतराल में रेल विभाग सो रहा था। यदि वह चौकन्ना होता, तो कम-से-कम हावड़ा-मुंबई मेल दुर्घटनाग्रस्त न होती।
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि सुरक्षा की घोर उपेक्षा के चलते रेल दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। गत 17 जून को कंचनजंघा एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल में, उसके बाद 18 जुलाई को गोंडा के निकट चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जांच में विभाग की लापरवाही सामने आई है। रेलयात्री अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंच जाएंगे, यह रामभरोसे है। पहले रेल का स्वतंत्र बजट संसद से पास होता था। अब उसकी चर्चा भी नहीं सुनाई पड़ती। रेल में निजीकरण धड़ल्ले से हो रहा है। महकमे के तमाम पद रिक्त पड़े हैं। नियमित भर्तियों में भारी कटौती जारी है।
ठेके-पट्टे पर काम चलाया जा रहा है। सारा ध्यान लक्जरी ट्रेनों के संचालन पर है। स्पेशल ट्रेनों के स्पेशल किराए से यात्रियों को लूटा जा रहा है, मगर सुरक्षित यात्रा पर कोई ध्यान नहीं है। झारखंड के डबल रेल हादसे की जवाबदेही रेलमंत्री लें और पद छोड़ें।