लखनऊ, 2 जुलाई। भाकपा (माले) ने हाथरस में बड़ी संख्या में हुई मौतों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सवाल किया है कि जब लाशें बिछ रही थीं, तो प्रशासन कहां था? पार्टी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही, इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी सजा, घायलों का मुफ्त इलाज और मृतकों के परिवारों को समुचित मुआवजे की मांग की है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रथम दृष्टया हाथरस में मौतें हादसा नहीं, बल्कि प्रशानिक चूक के चलते हुई लगती हैं। इतने बड़े आयोजन की अनुमति देते समय पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। भगदड़ में सौ से ज्यादा मौतों की खबर है।
रिपोर्ट के अनुसार सत्संग में बीस हजार के करीब लोग जुटे थे। जहां महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की इतनी बड़ी संख्या थी, वहां सत्संग स्थल से निकास की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी? पुलिस-प्रशासन के लोग क्या कर रहे थे? विफलता की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को लेनी होगी।
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