लखनऊ, उत्तर प्रदेश के भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के जनपद चंदौली युवा जिलाध्यक्ष गुड्डू पासवान और युवा मंडल अध्यक्ष वाराणसी पिंटू पाल ने बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल की मंडी सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत द्वारा किसानों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने किसानों के तीनों कानून को वापस लेने की बात करने का काफी विरोध जताया है साथ ही केंद्र की सरकार से कंगना को सदन से बाहर करने की मांग किया है.
श्री पासवान ने गुरुवार को अपने आवासीय कैंप कार्यालय पर जारी एक बयान में कहा कि
किसान चिलचिलाती धुप हों या फिर कंपकंपाती ठंड अपने जान की परवाह किए बगैर अपने खून पसीने से फसल तैयार करता है अन्न पैदा करके देश को खाने को देता है। उसी रोटी को खाकर किसानों को अपमानित करने वाली कंगना को सदन में रहने का कोई अधिकार नहीं है. इसी हरकत से एक किसान कि बेटी ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया था. जो किसानों के हित की बात करेगा वहीं देश में राज करेगा.
कंगना रनौत अपने बयान से एक बार फिर सुर्खियों में है
अक्सर अपने बयानों से चर्चाओं में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल की मंडी सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने रद्द किए गए कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग कर दी. इसको लेकर विपक्ष और किसान एक बार फिर बीजेपी को घेरने में लगे हैं.भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के वाराणसी मंडल युवा मंडल अध्यक्ष पिंटू पाल ने कहा कि किसानों के संघर्ष के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही वो कृषि कानून के दुष्प्रभावों को समझती है. वो कोई कृषि विशेषज्ञ नहीं है. बीजेपी को उनके बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए.
बता दें कि केंद्र की बीजेपी ने नवंबर 2021 में किसानों के आंदोलन को देखते हुए कृषि कानूनों को वापस ले लिया था. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून वापसी का ऐलान किया था. हिमाचल के मंडी जिले के ख्योड़ में जिला स्तरीय नलवाड़ मेले के समापन समारोह में कंगना रनौत ने हिस्सा लिया था. यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान 3 कृषि कानूनों को लेकर बयान दिया.