चंदौली। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल पिंटू पाल के नेतृत्व में शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात कर प्रमुख समस्याओं के निराकरण हेतु पत्रक सौंपा। इसमें बंदरों को पकड़वाकर सुरक्षित स्थान पर भेजने, स्मार्ट मीटर के नाम पर धोखाधड़ी करने, गलत रीडिंग से उपभोक्ताओं का शोषण रोकने, स्मार्ट मीटर हटाने की मांग शामिल है, वहीं 20 दिनों के भीतर उक्त समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दिया।
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि सकलडीहा क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण एवं बाजार क्षेत्रों में आम जनता अत्यंत गंभीर समस्याओं से जूझ रही है , लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदें बैठे हैं।व्यापारियों, ग्रामीणों और किसानों का बंदरों के आतंक से जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है और भय के साए में जीने को मजबूर हैं। आए दिन बच्चों बुजुर्गों और महिलाओं को काटकर चोटिल कर दे रहे हैं। किसानों की फसलें बर्बाद कर दे रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद भी बंदरों को पकड़वाने की कोई ठोस करवाई नहीं हुई जो वन प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
दूसरी ओर बिजलीविभाग द्वारा स्मार्ट मीटर के नाम पर खुलेआम धोखाधड़ी की जा रही है। स्मार्ट मीटरों में मनमानी और गलत रीडिंग दिखाई जा रही है। जिससे किसानों मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर बेवजह भारी बिजली बिल लादी जा रही है। यह सीधे साधे गरीब और मेहनतकश जनता का आर्थिक शोषण है। यह स्मार्ट मीटर जनहित में नहीं है और जनता को लूटने का माध्यम बन चुका है।
मांग किया कि क्षेत्र के बंदरों को अविलंब पकड़वाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की जाए। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें तुरंत हटवाया जाए। बिजली विभाग में इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। नया बिजली कनेक्शन में हो रही धोखाधड़ी को तुरंत रोका जाए। कनेक्शन चार्ज पहले 1800 से 2000 था अब 5000 से 6500 तक कर दिया गया है। गरीब किसान मजदूर कहां से कनेक्शन करा पायेगा। गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुराने कनेक्शन नियम लागू किया जाए।
चेताया कि ज्ञापन में उठाई गई सभी समस्याओं का समाधान 20 दिनों के अंदर नहीं किया जाता है तो किसान यूनियन 09 मार्च 2026को सकलडीहा पावर हाउस पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। धरना प्रदर्शन के दौरान यदि कोई अप्रिय या अनहोनी होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अंत में कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से होगा परंतु जनता के अधिकारों के लिए आर पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव और विजयकांत पासवान रहे।
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