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पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू किसानों का धान लेकर पहुंचे नवीन मंडी

कहा, 200रुपए अंगूठा लगवाने को लिए जा रहे, दो दो महीना भटकना पड़ रहा 
  
चंदौली।किसानों का धान लेकर सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू सोमवार को नवीन मंडी पहुंचे। इस दौरान धान लदे ट्रैक्टर लेकर जैसे ही वह सैयदराजा आवास से आगे बढ़े पुलिस ने उन्हें हाइवे पर रोक लिया और उन्हें नोटिस तामिला कराते हुए आगे जाने से रोकने का प्रयास किया। लेकिन मनोज सिंह डब्लू ने किसानों के हित बात कहते हुए नवीन मंडी कूच कर गए, जहां डिप्टी आरएमओ की मौजूदगी में किसानों के धान की खरीद की गई। 

आरोप लगाया कि अंगूठा लगाने के नाम पर 250 रुपये लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं किसानों को अंगूठा लगाने के लिए दो-दो महीने इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में किसान खून के आंसू रो रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन व सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि किसानों की समस्या को लेकर आंख मूंदे हुए हैं। 

कहा कि पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टर रोकने में जो तत्परता दिखाई है वैसी सक्रियता किसानों के उपज बिकवाने में दिखाई होती तो आज ऐसी परिस्थितियां पैदा नहीं होती। पूर्व विधायक के प्रयास से किसानों का 300 कुंटल धान की खरीद सुनिश्चित की गई।

वहीं पूर्व विधायक के आह्वान पर जनपद के विभिन्न हिस्सों से मंडी आ रहे किसानों को जगह-जगह पुलिस द्वारा रोका गया और भरोसा दिया गया कि नजदीकी क्रय केन्द्र पर उनके धान की तौलाई व अंगूठा लगाने का कार्य किया जाएगा।

इस दौरान सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि धान के कटोरे में किसान धान की उपज बेचने के लिए खून के आंसू रो रहे हैं। गत दिनों एक किसान उनके पास अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। कहा कि धान की बिक्री नहीं हो पाने से उनके बिटिया की शादी अधर में लटकती नजर आ रही है। ऐसे में उनकी वेदना से आहत होकर किसानों का आह्वान किया गया, ताकि उनके धान की खरीद प्रशासन के माध्यम से सुनिश्चित की जा सके। यदि ऐसा नहीं होता तो स्वयं किसानों के धान की तौलाई कराकर उन्हें भुगतान करने का काम होता। 

उन्होंने कहा कि किसान परिवारों के पढ़ाई, दवाई, शादी-विवाह जैसे काम खेती-किसानी से होने वाली आय पर निर्भर है। ऐसे में यदि क्रय केन्द्रों पर किसानों के धान की बिक्री नहीं होगी तो किसान क्या करेंगे? कहां जाएंगे? आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में क्रय केन्द्र, लूट का केन्द्र बन गए हैं, जहां किसानों से प्रति बोरा अधिक उपज ली जा रही।

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