पीड़ित के साक्ष्य पर मुकदमा दर्ज, पुलिस ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का किया दावा
चंदौली जिले के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। गाजीपुर के ट्रांसपोर्टर सुनील यादव ने एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम और उनकी टीम पर ट्रकों से मासिक 'इंट्री फीस' के नाम पर 5000 रुपए वसूली का आरोप लगाया है। कहा असहमति पर वाहनों को रोककर चालान या सीज करने की धमकी दी जाती है।
19-20 फरवरी की रात सुनील यादव का ट्रक चंदौली-मिर्जापुर बॉर्डर पर रोका गया। ट्रक को जबरन चंदौली ले जाकर चालान कर पुलिस चौकी में खड़ा कर दिया गया। पहले 90,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद दोनों तरह से वसूले गए। एक सिपाही पर भी पैसे लेने का आरोप है।
पीड़ित की तहरीर और साक्ष्य पेश करने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। चंदौली अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। जांच के दौरान सभी आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सिपाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वहीं पूरे प्रकरण की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह मामला उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है,जबकि प्रशासन पूरे मामले का निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का दावा किया है।
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