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16 दिनों से अंधेरे में डूबा सरयाँ गांव

किसानों का धरना, बिजली विभाग पर भड़का गुस्सा—उग्र आंदोलन की चेतावनी

धानापुर (चंदौली), 19 अप्रैल 2026।
सरयाँ गांव के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे गया है। पिछले 16 दिनों से पूरे गांव को घुप अंधेरे ने जकड़ रखा है, और बिजली विभाग की लापरवाही ने किसानों की जिंदगी को मुश्किलों के अंधेरे में धकेल दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के बैनर तले धानापुर के सरयाँ गांव में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन ने इस मुद्दे को गरमाया। सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों ने सड़कों पर उतरकर अपनी पीड़ा जोरदार नारों से बयां की।
ग्रामीणों ने खुलासा किया कि गांव का 25 KVA ट्रांसफार्मर बार-बार जल रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। रातें मोमबत्तियों और टॉर्च की रोशनी में कट रही हैं, जबकि दिन में भी पंखे-कूलर की हवा का नामोनिशान नहीं। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी कान पर जूं तक न रेंगने को तैयार।

 सबसे बड़ा सवाल—वचनबद्ध 63 KVA का नया ट्रांसफार्मर अब तक क्यों नहीं लगाया गया? एक बुजुर्ग किसान ने गुस्से में कहा, " सब्जियां और फसलें मुरझा रही हैं, बच्चों की पढ़ाई रुक गई, लेकिन अफसरों को फर्क ही नहीं पड़ता!"

बिजली विभाग कटघरे में खड़ा 
धरना के दौरान वक्ताओं ने बिजली विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इस लापरवाही से न केवल किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि पूरा ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त है। गर्मी की तपिश में बिना बिजली के घर-खेत दोनों तरस रहे हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी दी—अगर 63 KVA ट्रांसफार्मर तत्काल नहीं लगाया गया, तो यूनियन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

यूनियन ने भविष्य की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी: सड़क जाम, आमरण अनशन जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। इनकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों पर होगी। धरना का नेतृत्व यूनियन के युवा मंडल अध्यक्ष (वाराणसी) पिंटू पाल ने किया, जिन्होंने युवाओं को एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।

यह प्रदर्शन ग्रामीण भारत की बुनियादी समस्याओं का आईना है—जहां बिजली जैसी जरूरी सुविधा भी सुलभ नहीं। अब बिजली विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार। धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, शेषनाथ यादव, मोहन यादव, विजयकान्त पासवान, गुड्डू शर्मा, टनमन सिंह, रामअवध यादव, अरुण तिवारी, अखिलेश यादव गुड्डू, मृत्युंजय यादव, राजेश यादव, रवि यादव, भानु यादव, राजदेव यादव, उपेन्द्र यादव, लालू यादव, रविकान्त यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।

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