अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी कि मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य न खोला गया तो उसके बिजली संयंत्रों और पुलों पर अभूतपूर्व हमला होगा। उन्होंने लिखा, “मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ मनाया जाएगा। हमला ऐसा होगा, जैसा कभी नहीं देखा गया! होर्मुज खोलो, वरना नर्क में रहोगे।” यह धमकी 48 घंटे के अल्टीमेटम का हिस्सा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
यह संकीर्ण समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, जहां से दुनिया के 20% पेट्रोलियम और LNG गुजरता है। ईरान के नियंत्रण वाले अधिकांश द्वीप इसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील बनाते हैं। ईरान ने इसे ब्लॉक कर तनाव बढ़ाया है, जिससे अमेरिका ने माइन बिछाने वाले जहाज नष्ट किए।
ईरान का जवाब और हमले
ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने कहा कि हमला हुआ तो “नरक के द्वार” अमेरिका के लिए खुलेंगे, और क्षेत्रीय सुविधाओं को निशाना बनाएंगे। ईरान ने कुवैत, बहरीन व UAE में ड्रोन हमले किए, जहां बिजली संयंत्र, पेट्रोकेमिकल प्लांट और जल विलवणीकरण केंद्र प्रभावित हुए—कोई हताहत नहीं। ये इजरायल के ईरानी प्लांट हमले के बाद हुए।
राजनयिक प्रयास व हताहत
पाकिस्तान, तुर्की व मिस्र मध्यस्थता कर रहे हैं; पाकिस्तान के प्रयास प्रगति पर। संघर्ष में ईरान में 1,900+, लेबनान में 1,400+ मरे; इजरायल में 19, अमेरिकी सैनिकों में 13, वेस्ट बैंक में दो दर्जन+। लाखों विस्थापित।
स्थिति अपडेट (अप्रैल 2026)
तीन सप्ताह से चल रहे अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध में होर्मुज ब्लॉक बरकरार, ऊर्जा संकट गहराया। ट्रंप की मंगलवार (8 अप्रैल) की समयसीमा के बाद कोई नया हमला दर्ज नहीं; राजनयिक बातें जारी। वैश्विक तेल बाजार अस्थिर।
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