सिलौटा में ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस ने नई मूर्ति लगाई और 4 दिन में गिरफ्तारी का वादा
चंदौली, 12 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र के सिलौटा (कमलपुर) गांव में शनिवार रात अराजक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना न केवल सामाजिक सद्भाव को चुनौती देती है, बल्कि गांववालों के आक्रोश को भी भड़का दिया। रविवार सुबह ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली, तो वे सैकड़ों की संख्या में जमा हो गए और आरोपीयों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
रात के अंधेरे में वंदलिज्म: प्रतिमा पर हमला
शनिवार रात अज्ञात शरारती तत्वों ने गांव के बीच में लगी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को लोहे के रॉड या हथौड़े से तोड़ दिया। प्रतिमा का सिर और हाथ क्षतिग्रस्त हो गए, जो गांव के लिए एक आघात था। डॉ. अंबेडकर, जिन्हें दलित समाज का मसीहा माना जाता है, की यह मूर्ति गांव की शान थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हमला सुनियोजित लगता है, क्योंकि आसपास के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो सकती हैं। पूर्व प्रधान अंजनी देवी ने बताया, "यह हमारे गांव का अपमान है। हमने पुलिस को पहचान में मदद का भरोसा दिया है।"
ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन: पुलिस पर देरी का आरोप
सुबह होते ही ग्रामीण नारेबाजी करने लगे— "अंबेडकर जिंदाबाद, अपराधी मुर्दाबाद!"। यह शिकायत क्षेत्र की पुरानी समस्याओं से जुड़ती नजर आती है, जहां पुलिस की अनुपस्थिति अक्सर विवाद बढ़ा देती है। हंगामा इतना बढ़ गया कि ट्रैफिक बाधित हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: नई प्रतिमा लगी, फोर्स तैनात
धीना पुलिस ने हालात संभाले। उन्होंने ग्रामीणों को शांत किया, तुरंत अपने खर्चे से नई प्रतिमा मंगवाने के लिए लोगों को भेजा है। आने के बाद मौके पर ही स्थापित कर दी जाएगी। एसएचओ धीना दिलीप श्रीवास्तव ने भरोसा दिलाया, "चार दिनों के अंदर अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। हमारी टीमें छापेमारी कर रही हैं।" स्थिति नियंत्रित रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन जांच तेज है। जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
यह घटना सामाजिक एकता की याद दिलाती है। डॉ. अंबेडकर के सिद्धांत— समानता और न्याय—आज भी प्रासंगिक हैं। गांववासी अब शांति से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन न्याय की मांग तेज है।
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