चंदौली,17 अप्रैल 2026: डीडीयू-पटना मेन लाइन पर शुक्रवार सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को सिहरा दिया। पोल नंबर 1074 के पास सरेसर गांव में एक अर्धविक्षिप्त महिला ने तेज रफ्तार ट्रेन के आगे अचानक कूदकर अपनी जान दे दी। व्यस्त सुबह के समय गुजर रही ट्रेन ने महिला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।स्थानीय ग्रामीण इसे आत्महत्या मान रहे हैं, और यह हादसा असहाय लोगों की बदहाली को एक बार फिर सामने ला खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह महिला लंबे समय से सरेसर और आसपास के इलाकों में भटकती नजर आती थी। मृतका की पहचान भोगवार गांव निवासी 48 वर्षीय राजमणि देवी, पत्नी विक्रम पटेल के रूप में हुई। "वह रोज रेल पटरी के किनारे घूमती थी, कभी-कभी खाने की भीख मांगती।एक स्थानीय निवासी ने बताया हमने कई बार दूर भगाने की कोशिश की, लेकिन वह वापस लौट आती," यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि रेल पटरी के आसपास रहने वाले मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता अभियान और बाड़ लगाने जैसे कदम उठाने की सख्त जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोहराई न जाए।
हादसे की सूचना मिलते ही मानस नगर पोस्ट की रेलवे सुरक्षा बल टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने शव को ट्रेन के पहियों से बाहर निकाला और स्थानीय थाने को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा भरवाया, फोरेंसिक टीम को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट या पहचान का सुराग नहीं मिला। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, ताकि महिला के परिजनों तक जानकारी पहुंच सके।
यह घटना रेलवे ट्रैकों पर असहाय लोगों की बढ़ती संख्या को उजागर करती है। पिछले एक साल में डीडीयू क्षेत्र में ऐसी 5 से अधिक घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जहां मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों ने ट्रेनों के सामने जान दी। प्रशासन को अब ठोस कदम उठाने होंगे, वरना ये हादसे लगातार जारी रहेंगे।
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