छात्रों ने दीवार पर उकेरे सम्मान के संदेश
चंदौली, 17 अप्रैल 2026: सकलडीहा पीजी कॉलेज, सकलडीहा में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत एक अनूठा और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नारी शक्ति दीवार, हस्ताक्षर अभियान तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मिस्ड कॉल अभियान चलाया गया, जिसने पूरे कैंपस को महिला सशक्तिकरण की लहर से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, समानता तथा सशक्तिकरण के प्रति गहरी जागरूकता फैलाना था।
हजारों की संख्या में उमड़े छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। नारी शक्ति दीवार पर उन्होंने "नारी सम्मान ही राष्ट्र सम्मान", "शिक्षा से आत्मनिर्भरता", "समान अधिकार, समान अवसर" जैसे प्रेरक संदेश रंग-बिरंगे पोस्टर्स और मार्करों से अंकित किए। हर संदेश के साथ हस्ताक्षर कर उन्होंने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जाहिर की। रोचक तथ्य यह रहा कि कई छात्राओं ने अपनी व्यक्तिगत कहानियां साझा कीं, जैसे "मां की मेहनत ने मुझे यहां पहुंचाया" – जो दीवार को जीवंत भावनाओं से भर दिया।
मिस्ड कॉल अभियान ने कार्यक्रम को आधुनिक रंग दिया। छात्रों और शिक्षकों ने एक विशेष नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अधिनियम के समर्थन में अपनी आवाज दर्ज कराई। यह अभियान न केवल सरल था, बल्कि डिजिटल युग में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम साबित हुआ – मात्र कुछ सेकंड में हजारों समर्थन जुड़ गए।
कार्यक्रम में डॉ. सीता मिश्रा, प्रो. दयाशंकर सिंह यादव, प्रो. उदय शंकर झा एवं प्रो. दयानिधि सिंह यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्राध्यापकों ने अपने ओजस्वी विचार व्यक्त करते हुए कहा, "नारी समाज की आधारशिला है। महिलाओं के सम्मान और उन्नति के बिना राष्ट्र का समुचित विकास असंभव है।" डॉ. मिश्रा ने विशेष रूप से छात्राओं को संबोधित कर कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही सच्ची शक्ति का आधार हैं।
महाविद्यालय परिवार ने सभी सहभागियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में ऐसे और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
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