गाजियाबाद : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गाजियाबाद में 8वीं वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को राष्ट्रपति ध्वज समर्पित किया। इस अवसर पर महानिदेशक पीयूष आनंद, केंद्रीय सचिवगण एवं वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ध्वज को बल की निष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की मान्यता करार दिया गया।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ध्वज किसी भी सुरक्षा बल की सर्वोच्च मान्यता है और एनडीआरएफ ने आपदा प्रबंधन में देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बल की त्वरित कार्यवाही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निभाई गई भूमिका की सराहना की तथा शहीद हुए 17 वीर बचावकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
महानिदेशक पीयूष आनंद ने एनडीआरएफ की तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण और सामुदायिक जुड़ाव को बढाने के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों को जीवित बचाया और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।
समारोह के दौरान देहरादून में क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया गया और अगरतला, अर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक व गांधीनगर में छह नए केंद्रों की आधारशिला रखी गई। 10 अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक और 3 बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक दिए गए।
एनडीआरएफ के रोप रेस्क्यू प्रदर्शन तथा आईटीबीपी ब्रास बैंड ने समारोह में रौनक बढ़ाई।एनडीआरएफ, जिसे अक्सर "एंजेल्स इन ऑरेंज" कहा जाता है, 2006 से देश की रक्षा और आपदा सहायता में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर और अधिक सशक्त होने की राह पर है।
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