लखनऊ, 13 मई 2026: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अचानक निधन होने से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त है। प्रतीक यादव, जो मात्र 35 वर्ष के थे, लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन मंगलवार रात को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से हो गया। इस दुखद घटना की खबर फैलते ही सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतीक यादव मुलायम सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे और परिवार के करीबी सदस्य के रूप में जाने जाते थे। वे सक्रिय राजनीति में तो नहीं थे, लेकिन पार्टी के आंतरिक मामलों और सामाजिक कार्यों में उनकी रुचि बनी रही।मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भी प्रतीक परिवार के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया, "भाई प्रतीक के निधन से परिवार और पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी सादगी और लगन हमेशा याद रहेगी।"
राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर आज श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय पर नेताओं ने प्रतीक की फोटो पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। चंदौली, मिर्जापुर और वाराणसी जैसे पूर्वांचल के जिलों में भी स्थानीय सपा इकाइयों ने शोक सभा बुलाईं। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त की। सपा नेता तेज प्रताप सिंह यादव ने बताया, "प्रतीक भैया का निधन परिवार के लिए बड़ा आघात है। वे हम सबके छोटे भाई जैसे थे।"
प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज शाम लखनऊ में ही किया जाएगा। इस मौके पर अखिलेश यादव समेत परिवार के सदस्य मौजूद रहेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सपा परिवार के लिए भावनात्मक झटका है, खासकर लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी के पुनर्गठन के दौर में।
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