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दुष्कर्म के आरोपी की लंबी फरारी खत्म

इनाम बढ़ने के बाद मुखबिर ने दिया सुराग,मुगलसराय पुलिस ने किया धर-पकड़

चन्दौली। थाना मुगलसराय की टीम ने रविवार को वर्ष 2013 में पॉक्सो और संबंधित धाराओं में वांछित शातिर अभियुक्त रंजन सिंह (निवासी गोबरिया) को गिरफ्तार किया। आरोपी पर पहले ₹25,000 तथा बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र द्वारा बढ़ाकर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।


पुलिस ने बताया कि 08.11.2013 को वादी श्रीमती सुषमा सिंह की ओर से थाना मुगलसराय में प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमें आरोप था कि रंजन सिंह ने वादी की पुत्री के साथ छेड़छाड़ की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर 17.11.2013 को अपराध क्रमांक 320/2013 में धारा 354(क), 504, 506 भादवि तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने पर भी अभियुक्त घटना के बाद फरार हो गया और लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा।

थाना मुगलसराय व वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम द्वारा बार-बार दबिशें दी जाती रहीं। गिरफ्तारी न होने पर आरोपपत्र मफरूरी में न्यायालय भेजा गया और 11.07.2022 को माननीय अदालत ने आरोपी के विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया। इसके बाद सुरक्षा/न्याय सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक, चन्दौली ने पहले ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया था, जिसे बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र श्री वैभव कृष्ण के निर्देशन में ₹50,000 कर दिया गया।

पुलिस स्रोतों के अनुसार मुखबिर की सक्रिय सूचना पर 20.06.2026 को मुगलसराय पुलिस ने गोबरिया प्लांट डिपो क्षेत्र में छापेमारी कर रंजन सिंह को दबोचा। गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, उपनिरिक्षक शिव पूजन बिंद व कांस्टेबल अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी के भय से घर छोड़कर लगभग 13 वर्ष तक हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करते हुए रहा। कुछ समय पहले उसे लगा कि मामला पुराना हो गया है, इसलिए वह अपने घर लौट आया, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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