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"चंद्रशेखर आजाद: 'न मुद्दा खत्म हुआ न आंदोलन — हर हाल में लड़ेंगे'"

संसद से निकलकर छात्रों के बीच पहुंच संभाले मोर्चा 

दिल्ली, 20 जुलाई 2026 — सांसद और राजनीतिक नेता चंद्रशेखर आजाद ने आज स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिस मुद्दे को लेकर छात्र‑युवा सड़कों पर हैं, वह न तो खत्म हुआ है और न ही आंदोलन रुका है। संसद से निकलकर छात्रों के बीच पहुंचने के बाद जारी किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह लड़ाई वे संसद से लेकर सड़क तक पूरी जिम्मेदारी, मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ लड़ते रहेंगे।
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूँ। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आख़िरी दम तक आपके साथ रहूँगा।" उन्होंने युवाओं से हर हाल में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की और किसी भी उकसावे या अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया। उनका कहना था कि एकता, लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर विश्वास ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत हैं।

दिल्ली पुलिस के रुख के बारे में उन्होंने सीधे अपील की और कहा, "इन मासूम, पढ़ने‑लिखने वाले युवाओं पर लाठियाँ चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये युवा देश का भविष्य हैं और वे किसी भी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार से नाते में जुड़े हैं। 

स्थिति को संभालते हुए पुलिस से संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहने की उम्मीद जताई गयी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से मुद्दा जटिल होता है।

बयान के अंत में चंद्रशेखर आजाद ने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए दोहराया कि संघर्ष जारी रहेगा, मगर वह संविधान और लोकतंत्र के मार्ग पर रहकर ही अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे। उन्होंने नारा दिया — "जय भीम! जय संविधान!"।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई शहरों में छात्र‑आंदोलन और प्रदर्शन जारी हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई है; जैसे ही कोई प्रतिक्रिया मिलती है यह रिपोर्ट अपडेट कर दी जाएगी।

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