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एक्सयूवी की डिग्गी में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा, 10.50 लाख की खेप के साथ दो तस्कर धराए

अलीनगर, चंदौली। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ए.एन.टी.एफ. टीम वाराणसी और थाना अलीनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस टीम ने सिंधीताली रेलवे ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर एक महेन्द्र एक्सयूवी-500 कार से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार वाहन की डिग्गी से 14 बंडलों में कुल 42 किलो 470 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से दो कथित अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक 12 अगस्त 2026 को ए.एन.टी.एफ. टीम वाराणसी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप एक एक्सयूवी कार के जरिए लाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए ए.एन.टी.एफ. टीम ने थाना अलीनगर पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की रणनीति तैयार की और सिंधीताली रेलवे ओवरब्रिज के पास संदिग्ध वाहनों की निगरानी और चेकिंग शुरू कर दी।

इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध महेन्द्र एक्सयूवी-500 दिखाई दी। वाहन का नंबर UP50 AB 9878 बताया गया है। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि चालक ने पुलिस टीम को देखकर वाहन लेकर भागने का प्रयास किया। हालांकि पहले से की गई घेराबंदी के कारण पुलिस ने वाहन को पकड़ लिया। इसके बाद कार की सघन तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान एक्सयूवी की डिग्गी से गांजे के 14 बंडल बरामद हुए। पुलिस के अनुसार जब बरामद गांजे का वजन किया गया तो उसका कुल वजन 42 किलो 470 ग्राम पाया गया। इसके बाद वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ और वाहन को कब्जे में लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।

पूछताछ में सामने आया कथित नेटवर्क

पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने गांजे की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी दी है। आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे ओडिशा से कम कीमत पर गांजा खरीदकर लाते थे और इसे विनय द्विवेदी पुत्र पवन द्विवेदी निवासी चमरौहा उचडीह, थाना मानिकपुर, जनपद चित्रकूट को देते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि गांजे की खेप के लिए वे और विनय द्विवेदी मिलकर पैसा लगाते थे।

पूछताछ में कथित रूप से यह भी सामने आया कि ओडिशा से गांजा लाने के बाद उसे संबंधित व्यक्ति को सौंप दिया जाता था, जिसके बाद गांजे को आसपास के क्षेत्रों में बेचने की बात कही गई है। बिक्री से प्राप्त रकम को आपस में बांटने की बात भी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बताई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोहर झा पुत्र मोतीकान्त झा, निवासी मकान नंबर 45, श्रीराम एन्क्लेव, लालकुआं, गाजियाबाद, उम्र करीब 35 वर्ष और आंशू तिवारी पुत्र भईयन तिवारी, निवासी पगार खुर्द, पोस्ट बीरसिंह, थाना सभापुर, जिला सतना, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 22 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना अलीनगर में मु0अ0सं0 527/2026, धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। बरामदगी में एक्सयूवी कार को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।

एक आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मामले

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मनोहर झा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना कविनगर में वर्ष 2000 में धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना विसरख में वर्ष 2024 और थाना सूरजपुर में वर्ष 2025 में भी धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। हालांकि अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने की कार्रवाई अभी जारी है।

सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पूछताछ में सामने आए कथित सप्लायर और खरीदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ओडिशा से गांजे की खेप कहां से खरीदी जाती थी, चंदौली और आसपास के क्षेत्रों में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मादक पदार्थ की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल की जा सकती है, जिससे तस्करी के नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

संयुक्त टीम की कार्रवाई

इस कार्रवाई में थाना अलीनगर की ओर से प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह, चौकी प्रभारी जफरपुर उपनिरीक्षक सतीश चन्द्र सिंह और हेड कांस्टेबल प्रदुम्न द्विवेदी शामिल रहे।

वहीं ए.एन.टी.एफ. टीम वाराणसी की ओर से उपनिरीक्षक कुलदीप शर्मा मय हमराह, उपनिरीक्षक आदित्य नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल संजय सिंह, कांस्टेबल जयन्त सिंह, कांस्टेबल अजीत कुमार, कांस्टेबल अमित चौरसिया, कांस्टेबल शिवांश राय, कांस्टेबल प्रदीप कुमार और कांस्टेबल देवानन्द ने कार्रवाई में भूमिका निभाई।

पुलिस की इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त गिरोहों में हड़कंप मचने की उम्मीद है। हालांकि पुलिस के सामने अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की चुनौती है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।