सटीक संवाद। चंदौली। 04 अगस्त 2026।विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बिछिया धरना स्थल पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 23वें दिन भी जारी रहा। वहीं 'किसान क्रांति-खेती बचाओ यात्रा' तीसरे दिन सोनडेहरा पंचायत भवन से शुरू होकर भतीजा, मगरही, विजय नारायणपुर, फत्तेपुर कला होते हुए बुझारत की मड़ई पर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में किसानों से संवाद कर उन्हें आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच मंगलवार को थाना सैयदराजा में थाना प्रभारी की मौजूदगी में वार्ता प्रस्तावित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर प्रशासन वार्ता की बात कर रहा है, जबकि दूसरी ओर किसान नेताओं पर दबाव बनाने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष को घर में नजरबंद किए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का सम्मानजनक समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि "जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।" किसान नेताओं ने बताया कि आगामी 10 अगस्त को किसान क्रांति पंचायत आयोजित कर सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया जाएगा कि धान के कटोरे कहे जाने वाले चंदौली में लगातार प्रस्तावित हो रही सड़क परियोजनाएं विकास हैं या किसानों के लिए अभिशाप।
किसानों का कहना है कि भारतमाला परियोजना, प्रस्तावित ग्रीन फील्ड रिंग रोड, विभिन्न स्टेट हाईवे और अब 120 मीटर चौड़ी एवं लगभग 35 किलोमीटर लंबी विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना से बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी। उनका आरोप है कि इन परियोजनाओं से खेती योग्य भूमि घटेगी, आसपास की जमीनों का मूल्य कम होगा तथा जल निकासी बाधित होने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।किसानों ने गड़ई और चंद्रप्रभा नदियों के पानी की निकासी को लेकर भी गंभीर चिंता जताई।
यात्रा के दौरान मणि देव चतुर्वेदी, भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान, अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य राम प्यारे, किसान नेता अशोक सिंह, प्रधान जितेंद्र सिंह चौहान, अधिवक्ता विद्याशंकर सिंह सहित कई किसान नेताओं ने सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राम नारायण यादव ने किया।
यात्रा में सदर अध्यक्ष कन्हैया, ब्लॉक अध्यक्ष जिउत मौर्य, अशोक बागी, पूर्व सैनिक बाबूराम यादव, बिजेंद्र सिंह, फूलचंद, सौरभ यादव, परमहंस यादव, संतोष यादव, रामजी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान नेताओं का दावा है कि गांव-गांव में 'खेती बचाओ यात्रा' को व्यापक समर्थन मिल रहा है और आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है।
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